अंबेडकरनगर। अच्छी खबर है कि जिले में 21वीं पशुगणना का काम शुरू हो गया है। पशुपालन विभाग के लोग घर-घर जाएंगे और ऑनलाइन पशुओं का ब्योरा दर्ज करेंगे। खास ये है कि इस बार गाय, भैंस, बकरी, सूकर, घोड़ा, हाथी आदि मवेशियों के साथ कुत्तों की भी गिनती की जाएगी।
20वीं पशुगणना के हिसाब से जिले में करीब छह लाख से ज्यादा पशुधन है। इन पांच सालों में जिले में पशुओं की संख्या घटी है या फिर बढ़ी है और कितनी, पशुगणना में स्थिति साफ हो जाएगी। पशुपालन विभाग के मुताबिक पशुगणना के लिए विभाग के 134 गणनाकार और ब्लॉक सुपरवाइजर समेत 250 लोग लगाए गए हैं। इनकी ट्रेनिंग पहले हो चुकी है। अफसरों के अनुसार इस बार गो व महिष वंशीय पशुओं के साथ भेड़, बकरी, सूकर, घोड़े, खच्चर, हाथी के साथ ही कुत्तों की भी गणना होगी। मौके पर ही पशुओं की डिटेल भारत सरकार के ऐप पर अपलोड की जाएगी। 20वीं पशुगणना के अनुसार जिले में छह लाख से ज्यादा पशुधन है। इसमें करीब तीन लाख महिष वंशीय पशु व दो लाख गोवंशीय पशु हैं। तीन माह में पशुगणना का काम पूरा किया जाना है। साथ ही जिले में पशुओं की संख्या घटना या बढ़ने को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी।
तीन हजार की आबादी पर होगा एक गणनाकार
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) के मुताबिक ग्रामवार वार्डवार गणनाकारों की तैनाती की गई है। कहा तीन हजार आबादी और शहरी क्षेत्रों में चार हजार की आबादी पर एक गणनाकार होगा। इसके लिए विभागीय कर्मचारी, पशुमित्र, एआई वर्कर आदि लगेंगे, जबकि सुपरवाइजर के लिए पशु अधिकारियों को लगाया जाएगा। सुपरवाइजर की हरी झंडी मिलने पर ही डाटा फाइनल माना जाएगा और ऐप पर अपलोड होगा।
पशु टैगिंग भी होगी साथ-साथ
सीवीओ के मुताबिक पशुगणना के साथ जिन पशुओं की टैगिंग नहीं हुई है, उनकी टैगिंग (कान में छल्ला डालना) भी की जाएगी। साथ ही पशुधन एप पर फोटो अपलोड की जाएगी। सभी पशुपालकों से पशुगणना में सहयोग करने और गणनाकारों को सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।