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Ambedkar Nagar News: कार्रवाई की जद में सरकारी जमीनों पर बने 21 और मदरसे

Wed, 25 Jun 2025 02:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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मदरसे पर चलती जेसीबी। फाइल फोटाे
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अंबेडकरनगर। सरकारी भूमि पर कब्जा करके मान्यता लेकर संचालित हो रहे तीन मदरसों के ध्वस्तीकरण के बाद अब 21 और पर कार्रवाई की तैयारी है। मदरसा संचालकों की ओर से कब्जा की गई जमीनें ग्राम पंचायत से लेकर अन्य कई विभागों से संबंधित हैं। इसके लिए तहसील प्रशासन की ओर से प्रक्रिया तेज कर दी गई है। साथ ही इन सभी मदरसों की मान्यता समाप्त समाप्त करने की कार्रवाई भी होगी।
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जिले में कुल 314 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं, जबकि 45 बिना मान्यता के ही लंबे समय से संचालित हो रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से सभी एसडीएम से सरकारी जमीनों पर कब्जा कर बनाए गए मदरसों की जांच कराई गई थी। जांच में कुल 25 मदरसे ऐसे सामने आए थे, जो सरकारी जमीनों पर बने हुए थे। इस पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से नोटिस जारी कर जमीन के संबंध में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय बीतने के बाद 24 मदरसा संचालकों ने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया था। एक मदरसा संचालक ने नोटिस के विरोध में कोर्ट में शरण ली थी और उसने मदरसा निजी जमीन पर बने होने का साक्ष्य प्रस्तुत किया था।
डीएम अनुपम शुक्ला ने बीते दिनों मदरसा संचालन पर रिपोर्ट मांगी और कब्जा कर बनाए गए मदरसों को हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद से ही एसडीएम की अगुआई वाली टीमें प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हुई हैं। सोमवार को जलालपुर के बसिया, धौरुआ और अवधना इस्माइलपुर में बनाए गए मदरसों को ध्वस्त किया गया है। अब शेष 21 मदरसों को भी कार्रवाई की जद में लाने की तैयारी है। कार्रवाई की रिपोर्ट आने के बाद इनकी मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी शुरू होगी।
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आलापुर में सबसे ज्यादा 11 मदरसे

आलापुर तहसील में सर्वाधिक 11 मदरसे हैं। जबकि अकबरपुर, टांडा व जलालपुर में चार-चार व भीटी में एक मदरसा अवैध रूप से निर्मित है। दो मदरसे नहर विभाग की भूमि पर बने हैं, जबकि बाकी के मदरसे ऊसर, बंजर और नवीन परती, सरकारी पाठशाला, आबादी, कब्रिस्तान, जंगल, खाद गड्ढा, तालाब आदि समेत ग्राम पंचायत व नगरीय निकायों की भूमि पर बने मिले हैं।

बिना जमीन के ही ले ली थी मान्यता
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से की गई शुरुआती जांच में मदरसों की मान्यता 15 से 20 वर्ष पूर्व लेने की बात सामने आई है। खास बात तो यह है कि किसी ने छप्पर, तो किसी ने टिनशेड डालकर बिना जमीन के दस्तावेज के मान्यता ले रखी थी। लंबे समय से बिना जमीन के संचालित हो रहे इन मदरसों और उनके संचालकों पर किसी ने कार्रवाई करना जरूरी नहीं समझा।

वर्जन
पूरे जिले में सरकारी और सुरक्षित जमीनों पर मदरसों को चिह्नित किया गया था। राजस्व संहिता और पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। नोटिस देकर स्वयं अतिक्रमण हटाने का समय दिया गया था। सभी एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। -अनुपम शुक्ला, जिलाधिकारी
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