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पशु पक्षियों को कैसे मिले पानी, सूखे पड़े हैं तालाब

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महरुआ। प्रशासन के तमाम निर्देशों के बावजूद तालाबों में पानी भरने का काम ग्राम प्रधान व पंचायत अधिकारी द्वारा नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में तपिशभरी धूप व गर्मी के बीच मवेशियों के लिए पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने इसे लेकर आवाज भी उठाई, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह मनमानी किसी एक ग्राम पंचायत में नहीं बल्कि कटेहरी विकास खंड की इक्का-दुक्का ग्राम पंचायतों को छोड़कर सभी जगह है। तालाब न भरे होने से हैंडपंपों का जलस्तर पर भी लगातार गिरता जा रहा है।
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गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी ग्राम प्रधानों व पंचायत अधिकारियों का तालाबों में पानी भरवाने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद इस निर्देश का पालन कहीं होता नहीं दिख रहा है। इक्का-दुक्का तालाबों को छोड़ दिया जाए तो कहीं पानी नहीं है।
जिन तालाबों में पानी है, उनमें से भी ज्यादातर में ग्रामीणों के प्रयास से पानी भरा गया है। महरुआ, मदनगढ़, आशागढ़ जलालपुर, सेहरा जलालपुर, यरकी, मरथुआ सरैया, कटेहरी, तिवारीपुर, दुल्लापुर, अन्नावां, पहितीपुर, श्रवणक्षेत्र, चिउटीपारा सहित दर्जनों गांव ऐसे हैं जहां तालाब खुद ही प्यासे हैं। ग्राम पंचायत व ग्राम प्रधान बजट न होने का रोना रो रहे हैं।
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प्रशासन भी बजट की व्यवस्था करने के बजाए सिर्फ फरमान ही दे रहा है। ग्रामीण रामतिलक, अरविंद तिवारी व राघव यादव आदि ने जिला प्रशासन से अविलंब तालाबों में पानी भरवाए जाने की मांग की है। उधर, सीडीओ अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि तालाबों में पानी भरवाना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी।
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