अंबेडकरनगर। चिलचिलाती धूप व गर्म हवा के थपेड़ों का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। हालांकि जिस प्रकार से गुरुवार रात हवाएं चलीं, उससे उम्मीद थी कि शुक्रवार को तापमान में कुछ कमी आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार को भी गर्मी जस की तस रही।
भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार को भी तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को दिन में बेहाल किए रखा। शरीर को झुलसा देने वाली हवा से बचाव को लेकर लोग तरह तरह के जुगत करते रहे। लोग कूलर के सामने, तो कोई पंखे के नीचे बैठकर गर्मी से बचने की कोशिश में लगे रहे। हालांकि, बढ़ते तापमान से उन्हें राहत नहीं मिली। उधर, भीषण गर्मी के बीच काम करने को मजबूर मजदूरों का कहना है कि हमारे लिए तो गर्मी, बरसात व ठंड सब एक जैसे हैं।
आमजन को भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। गुरुवार को तापमान जहां 44 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शुक्रवार को भी तापमान 44 डिग्री सेल्सियस ही बना रहा। हालांकि गुरुवार रात तेज हवा चलने से भीषण गर्मी से मिली राहत के बीच लोगों को उम्मीद थी कि शुक्रवार को तापमान में कुछ कमी आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
तापमान के जस के तस बना रहने से लोगों को भीषण गर्मी के दौर से गुजरना पड़ा। तपिश भरी धूप, उस पर से शरीर को झुलसा देने वाली हवा ने लोगों को पूरे दिन बेहाल रखा। भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग तरह तरह के जुगत करते रहे, लेकिन उन्हें कहीं भी राहत नहीं मिल रही थी। साधन संपन्न लोग तो किसी प्रकार भीषण गर्मी से खुद को बचा रहे हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। सबसे अधिक मुश्किलों में दिनभर मजदूरी कर घर का पेट पालने वाले लोगों को हो रही है।
भीषण गर्मी के बावजूद उन्हें आसमान से बरसती आग के बीच कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है। भवन निर्माण में लगे मिर्जापुर के फिरतू ने कहा कि भइया अगर दिनभर काम न करब, तो लड़िकन का खिलाइब कहां से। हमरे लिए तो सब दिन एक जैसा है। चाहे भीषण गर्मी पड़े, बरसात हो या फिर कड़ाके की ठंड। काम तो करना ही है। एक अन्य मजदूर फूलमती ने कहा कि हम मजदूरन का पूछै वाला कउनो नाहिं है। प्यास बुझावै का है, तो खुद ही कुआं खोदो।