अंबेडकरनगर। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के पास धरना दिया। इसमें किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए माइनर में टेल तक पानी पहुंचाए जाने की मांग की गई।
अध्यक्ष हजारीबाबा ने कहा कि किसान विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। कहा कि केंद्र सरकार ने बजट में 2 हेक्टेअर भूमि रखने वाले किसानों को 6 हजार रुपये वार्षिक दिए जाने की घोषणा कर खुद की पीठ थपथपा रही है, लेकिन वास्तव में किसानों के साथ धाोखा किया गया है।
2 हेक्टेअर खेत में बुआई करने वाला किसान एक वर्ष में कम से कम 20 बोरी डीएपी खाद का प्रयोग करता है। सरकार ने खाद का दाम 1075 से बढ़ाकर 1450 रुपये कर दिया। साथ ही बोरी का वजन 50 किग्रा से घटाकर 45 किग्रा कर दिया गया। ऐसे में सरकार को 20 बोरी पर वार्षिक 10 हजार 400 रुपये का लाभ हो रहा है। ऐसे में मात्र 6 हजार रुपये दिया जाना किसानों के हित के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि पशु आश्रय केंद्र तो स्थापित कर दिए गए, लेकिन न तो चारे की व्यवस्था है और न ही उनके रहने का ही समुचित प्रबंध है। ऐसे में आए दिन आश्रय केंद्रों में गोवंशीय पशु मर रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
माइनर में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा। इससे किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट खड़ा हो रहा है। बाद में एसडीएम सदर अभिषेक पाठक को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान मो. कैफ, रवि चंदानी, रामजनम, श्यामलाल, सुनीता, कैलाशी, राजकुमार, सत्यम, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।