विधान परिषद में गूंजा स्वास्थ्य विभाग की कॉलोनी में कब्जे का मामला
अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बनी कॉलोनी के आवासों पर अवैध कब्जे का मामला विधान परिषद पहुंच गया है। एमएलसी हीरालाल यादव ने बीते दिनों सदन से सवाल किया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की कॉलोनी निर्मित है या नहीं। यदि निर्मित है, तो उसमें किन किन कर्मचारियों को आवंटन किया गया है। एमएलसी द्वारा उठाए गए सवाल पर शासन ने सीएमओ को पत्र भेजकर अतिशीघ्र पूरे मामले की रिपोर्ट सदन को उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया है।
एक दशक पूर्व जिला मुख्यालय के निबियहवा पोखरा के निकट कर्मचारी कॉलोनी का निर्माण कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने पूर्ण तो कर लिया था, लेकिन उसे अब तक जिला अस्पताल को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। कारण यह कि इसकी बाउंड्रीवाल को लेकर विवाद चला आ रहा है। इसके चलते ही हैंडओवर नहीं हो सका। इसके बावजूद कॉलोनी में स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा अन्य कई विभागों के कर्मचारियों व इर्दगिर्द स्थित महाविद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। अवैध रूप से रह रहे लोगों से कॉलोनी को मुक्त कराने के लिए कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत हुई, लेकिन इसे लेकर कभी गंभीरता नहीं दिखाई गई। गौरतलब है कि यह कॉलोनी जिला अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बनाई गई है।
इस बीच बीते दिनों एमएलसी हीरालाल यादव ने विधान परिषद में इस संबंध में प्रश्न उठाया। उन्होंने सदन से सवाल किया कि जिले में क्या स्वास्थ्य विभाग की कॉलोनी निर्मित है या नहीं। यदि है, तो किन कर्मचारियों को आवास आवंटित किया गया है। जिन कर्मचारियों को आवास आवंटित किया गया है, उनकी सूची सदन के पटल पर रखा जाए। इस पर गत 29 जनवरी को अधीक्षण अभियंता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा ने सीएमओ को पत्र भेजकर इस संबंध में अनुपूरक सामग्री समेत आवास में रह रहे कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया। पत्र में कहा गया कि अविलंब सूची उपलब्ध कराई जाए, जिससे उसे सदन के पटल पर रखा जा सके।
सीएमएस से मांगी गई है आख्या
स्वास्थ्य विभाग की कॉलोनी के संबंध में शासन से पत्र प्राप्त हुआ है। इस संबंध में सीएमएस से आख्या मांगी गई है। - डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ
नहीं किया गया आवास का आवंटन
कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम द्वारा अब तक बाउंड्रीवाल व सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सका है। ऐसे में भवन जिला अस्पताल को हैंडओवर नहीं हो सका है। इसके चलते आवास का आवंटन कर्मचारियों को नहीं किया गया। हैंडओवर होने के बाद ही आवास का आवंटन स्वास्थ्य कर्मचारियों को किया जाएगा। - डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस