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माननीयों की बेरुखी से खर्च नहीं हो पा रही विकास निधि की रकम

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विकास निधि खर्च नहीं कर पा रहे माननीय
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अंबेडकरनगर। विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर माननीयों की दृढ़ इच्छाशक्ति सामने नहीं आ पा रही है। पांच विधायक व जिले के दो एमएलसी की बात की जाए तो कटेहरी व आलापुर विधायक को छोड़कर अन्य सभी के निधि में लाखों रुपये शेष हैं। वित्तीय वर्ष खत्म होने में महज दो माह ही शेष है। साथ ही लोकसभा चुनाव के मद्देनजर फरवरी माह में कभी आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो सकती है। माननीयों की इसी उदासीनता के चलते यदि वे अविलंब प्रस्ताव नहीं देते हैं, या लंबित प्रस्ताव के सत्यापन की प्रक्रिया तीव्रगति से नहीं अपनायी गई तो माननीय अपनी निधि में अवशेष पड़े धन को इस वित्तीय वर्ष नहीं खर्च कर पाएंगे। ऐसे में स्वाभाविक है कि क्षेत्र का विकास कार्य प्रभावित होगा। साथ ही लोगों के विकास की तमाम उम्मीदों को झटका भी लगेगा।
बताते चलें कि क्षेत्र के विकास के लिए शासन से प्रत्येक वर्ष विधायक व विधान परिषद सदस्य को निधि के माध्यम से 2-2 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया जाता है। इससे माननीय अपने क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य करा सकते हैं। हालांकि जिले के अधिकांश माननीयों की विकास कार्यों को लेकर दृढ़ इच्छा शक्ति सामने नहीं आ पा रही है। पांच विधायक व दो एमएलसी में से महज कटेहरी विधायक लालजी वर्मा ही अपनी निधि का धन अब तक खर्च कर सके हैं। उन्होंने इस वित्तीय वर्ष में 21 कार्यों पर 2 करोड़ 4 लाख 43 हजार रुपये खर्च किया है। निधि से अतिरिक्त खर्च हुई राशि उनके पिछले वित्तीय वर्ष का अवशेष है। इसके अलावा आलापुर विधायक अनीता कमल ने सबसे ज्यादा 322 कार्यों पर 1 करोड़ 90 लाख 1 हजार रुपये अब तक खर्च किया है। उन्होंने सबसे ज्यादा मार्ग प्रकाश के लिए सोलर लाइट लगवाने पर ध्यान दिया है। विभिन्न बाजारों व गांवों में 303 सोलर लाइटें उनके द्वारा अपनी निधि से लगवायी गई है। अकबरपुर विधायक रामअचल राजभर अपनी निधि का अब 43 लाख रुपये खर्च नहीं कर सकें। उन्होंने अब तक 1 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत वाले 17 कार्यों को कराया है।
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जलालपुर विधायक रितेश पांडेय भी अब तक अपनी निधि का 1 करोड़ 11 लाख 41 हजार रुपये नहीं खर्च कर सकें। उन्होंने अब तक 16 कार्यों पर सिर्फ 88 लाख 59 हजार रुपये ही खर्च किया है। निधि का धन खर्च करने में सबसेे फिसड्डी टांडा विधायक संजू देवी साबित हुई हैं। वे मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक 8 कार्यों पर महज 40 लाख 48 हजार रुपये ही खर्च कर सकी हैं। उनकी निधि में अभी भी 1 करोड़ 59 लाख 52 हजार रुपए विकास कार्यों पर खर्च होने का इंतजार कर रही है। इसके अलावा विधान परिषद सदस्य अहमद हसन ने विकास कार्यों पर अपनी निधि से धन खर्च करने में दरियादिली दिखायी है। उन्होंने अब तक 47 कार्यों पर 1 करोड़ 82 लाख 35 हजार रुपये की राशि खर्च की है, जबकि एमएलसी हीरालाल यादव महज 98 लाख 20 हजार 500 रुपये ही 14 कार्यों पर खर्च कर सके। उनकी निधि में अभी भी 1 करोड़ 1 लाख 79 हजार 500 रुपये अवशेष है।

इन माननीयों ने दिए नए प्रस्ताव
कुछ माननीयों द्वारा अपने क्षेत्र के विकास के लिए जिला ग्रामीण विकास अभिकरण विभाग को नए प्रस्ताव दिए हैं। इनमें अकबरपुर विधायक ने दो, आलापुर विधायक ने चार, टांडा विधायक ने पांच, एमएलसी हीरालाल यादव ने चार कार्यों को प्रस्ताव दिया है। विभाग के मुताबिक कार्यों की तकनीकी जांच की प्रक्रिया चल रही है। जांच के बाद कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।
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तेजी से चल रही प्रक्रिया
विभाग को माननीयों द्वारा जो प्रस्ताव सौंपा गया है, उस पर तेजी से कार्य चल रहा है। आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रभावी होने से पहले जिन परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो जाएगा, उन पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगती। ऐसे में विभाग पूरी गंभीरता के साथ प्रस्तावों पर अग्रिम कार्रवाई तेजी से कर रहा है। -मथुरा प्रसाद मिश्र, जिला विकास अधिकारी
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