अंबेडकरनगर। जनपद ने क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। जिले की 139 ग्राम पंचायतों को आधिकारिक तौर पर टीबी मुक्त घोषित कर दिया गया है। विश्व टीबी दिवस के अवसर पर मंगलवार को टांडा मार्ग स्थित लोहिया भवन सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इन पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा।
जिले में 899 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग और जिला पंचायती राज विभाग ने सक्रिय टीबी रोग खोज अभियान चलाया और चिह्नित मरीजों की जांच, दवा और काउंसिलिंग की गई। अभियान में 139 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इनमें सात ग्राम पंचायतें तीन साल से टीबी मुक्त हैं, जबकि आठ में दो साल से टीबी का कोई मरीज नहीं मिला है। इन्हें स्वर्ण व रजत कोटेड गांधी प्रतिमा दी जाएगी। शेष 124 ग्राम पंचायतों में एक साल से टीबी मरीज नहीं मिला है। इसका सत्यापन स्वास्थ्य, जिला पंचायती राज विभाग की संयुक्त टीम ने घर-घर जाकर किया है। पिछले वर्ष 47 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है।
सफल उपचार में मंडल में है दूसरा स्थान
जिले में कुल 2,865 टीबी रोगी हैं जिनमें से अधिकारी, कर्मचारी और विभिन्न सामाजिक संगठन की ओर से इन सभी रोगियों को गोद लिया जा चुका है। जिले में टीबी उपचार की सफलता दर 94 प्रतिशत है। जनपद मंडल स्तर पर दूसरे स्थान पर है। इस समय मुख्य रूप से अभियान गांवों के साथ-साथ ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों, मलिन बस्तियों, अनाथालयों में चलाया जा रहा है।
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जुलाई 2025 से नहीं हुआ भुगतान
टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज की पूरी अवधि तक पोषण के लिए एक हजार रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। जुलाई 2025 से यह धनराशि मरीजों को नहीं प्राप्त हुई है।
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इन ब्लॉकों में पंचायतें हुई चयनित
अकबरपुर - 13
बसखारी - 08
टांडा - 14
रामनगर - 12
कटेहरी - 12
भियांव - 25
भीटी - 10
जहांगीरगंज - 21
जलालपुर - 23
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तैयारी पूरी
जिले के 139 ग्राम पंचायतों के प्रधानाें को मंगलवार को लोहिया भवन में सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है।
डॉ. जयप्रकाश, जिला क्षय रोग अधिकारी