मुख्यमंत्री की अति महत्वपूर्ण 100 डायल योजना की तैयारी में लापरवाही बरतने पर मंगलवार को दरोगा की श्रेणी में पहुंचे प्रोन्नत वेतनमान प्राप्त 13 हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया। इन्हें विवेचना का भी अधिकार होता है।
100 डायल योजना के संचालन व प्रशिक्षण के लिए लखनऊ से रिलीव होने के 7 दिन बाद भी यह पुलिसकर्मी अंबेडकरनगर में अपनी आमद नहीं दर्ज करा सके थे। इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी ने इन सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इससे पहले भी 5 पुलिसकर्मियों को अन्य मामलों में लापरवाही के चलते निलंबित किया जा चुका है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एंबुलेंस सेवाओं की तरह ही किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में पुलिसकर्मियों के घटनास्थल पर 15 मिनट में पहुंच जाने को लेकर 100 डायल योजना शुरू की है।
इसके संचालन व प्रशिक्षण के लिए लखनऊ से दरोगा की श्रेेेणी में पहुंच चुके प्रोन्नति वेतनमान प्राप्त 13 हेड कांस्टेबल को अंबेडकरनगर भेजा गया। एक दिन पहले डीआईजी राकेशचन्द्र साहू ने पुलिस लाइन पहुंचकर ऐसे सभी पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया, जिन्हें इस योजना में महत्वपूूर्ण भागीदारी निभानी है। उसमें पाया गया कि कुल 13 पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जो 17 अक्तूबर को शाम 8 बजकर 15 मिनट पर लखनऊ से रिलीव तो हुए, लेकिन अभी तक यहां नहीं पहुंचे।
एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया और विवेचना करने की श्रेणी में पहुंच चुके प्रोन्नति वेतनमान प्राप्त 13 मुख्य आरक्षी नागेन्द्र सिंह, विद्यासागर तिवारी, जमाल अहमद खां, रामनाथ प्रसाद, हरिश्चन्द्र, आनंद पाण्डेय, कृष्णपाल सिंह सोलंकी, लक्ष्मीनरायण, रामप्रकाश, मनोज कुमार, शैलेष त्रिवेदी व अशोक कुमार को निलंबित कर दिया।
एसपी ने अपनेे आदेश में कहा कि प्रदेशव्यापी 100 डायल योजना के लिए यह सभी पुलिसकर्मी लखनऊ से रिलीव होने के बावजूद बिना किसी स्वीकृत अवकाश या अनुमति के अनुपस्थित हैं।
ऐसे में इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। उधर एसपी श्री श्रीवास्तव ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि इस तरह की कोई लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। जो भी जिम्मेदारी जिसे मिली है, उसका पूरा निर्वहन तय करना होगा।