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Prayagraj : जैनब एंड कंपनी बमरौली स्थित वक्फ संपत्ति के जरिये कर रही थी कमाई, अवैध निर्माण ध्वस्त करेगा पीडीए

Wed, 22 Nov 2023 01:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अकबरपुर सल्लापुर में स्थित वक्फ की 50 करोड़ की संपत्ति बेचने में जैनब समेत सात पर तीन दिन पहले केस दर्ज हुआ है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इसमें रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि जैनब एंड कंपनी ने न सिर्फ वक्फ संपत्ति की जमीनें बेचीं, बल्कि जमीनों पर दुकानें और गोदाम बनवाकर लाखों रुपये महीने का किराया भी वसूला।
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जैनब फातिमा और अशरफ। फाइल फोटो - फोटो : social media
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विस्तार
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पूरामुफ्ती में माफिया अशरफ की पत्नी जैनब एंड कंपनी वक्फ की संपत्ति पर अवैध कब्जा कर हर महीने लाखों रुपये कमा रहे थे। कुछ जमीनें बेचने के साथ ही शेष भूमि पर दुकानें बनवाकर किराया भी वसूला जा रहा था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची तो इसका पता चला। अब पुलिस विकास प्राधिकरण को रिपोर्ट भेजकर अवैध रूप से किए गए निर्माण ध्वस्त कराने की तैयारी में है।

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अकबरपुर सल्लापुर में स्थित वक्फ की 50 करोड़ की संपत्ति बेचने में जैनब समेत सात पर तीन दिन पहले केस दर्ज हुआ है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इसमें रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि जैनब एंड कंपनी ने न सिर्फ वक्फ संपत्ति की जमीनें बेचीं, बल्कि जमीनों पर दुकानें और गोदाम बनवाकर लाखों रुपये महीने का किराया भी वसूला।

पुलिस जांच पड़ताल के क्रम में मौके पर पहुंची तो इसका खुलासा हुआ। वक्फ संपत्ति पर न सिर्फ मकान बने हुए थे, बल्कि गोदाम व दर्जनों दुकानें भी मिलीं। इनमें से कई दुकानों में ताला लगा मिला। कुछ दुकानें खुली मिलीं, जिनके बारे में पता चला कि वह किराये पर दी गई हैं। जबकि कुछ दुकानों के बारे में जानकारी मिली कि उन्हें लाखों रुपये देकर खरीदा गया है।
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बेची गई दुकानों के संबंध में भी मुतवल्ली व उसकी पत्नी जिन्नत ने ही फर्जी तरीके से इकरारनामा किया। पुलिस ने इन सभी दुकानाें, गोदाम व मकानों की तस्वीरें ली हैं। अफसरों का कहना है कि विकास प्राधिकरण को जल्द ही रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसमें अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। डीसीपी नगर दीपक भूकर ने बताया कि पीडीए को जल्द ही रिपोर्ट भेजी जाएगी।

अशरफ का साला जैद मास्टर लेता था रकम

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि दुकानाें, गोदाम से मिलने वाले किराये की वसूली मुतवल्ली असियम करता था। इसके बाद यह रकम अशरफ की पत्नी का बड़ा भाई जैद मास्टर लेता था, जो इस मुकदमे में नामजद अभियुक्त है। माना जा रहा है कि जैद मास्टर ही यह रकम बहन जैनब तक पहुंचाता था। मुतवल्ली व उसकी पत्नी जिन्नत के पकड़े जाने के बाद कई अन्य अहम खुलासे हो सकते हैं।
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पुलिस खंगाल रही कॉल डिटेल, करीबियों से होगी पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस मुतवल्ली व उसकी पत्नी के नंबरों की कॉल डिटेल भी खंगालने में जुटी है। पता लगाया जा रहा है कि वह किन लोगों के संपर्क में थे। पुलिस ऐसे सभी लोगों से पूछताछ कर सकती है। अब तक इस मामले में किसी भी आरोपी को पूरामुफ्ती पुलिस पकड़ नहीं सकी है। एक आरोपी सद्दाम बरेली जेल में बंद है। जबकि जैनब समेत छह आरोपी फरार हैं। यहां तक कि हटवा गांव के प्रधान हिस्ट्रीशीटर सिवली व एक अन्य आरोपी तारिक का भी पता नहीं लग सका है।
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