सत्येंद्र पत्नी गायत्री, पिता व दो बच्चों के साथ लालतारा स्थित नए बने घर में रहता था, जबकि बहेरा स्थित उसके पैतृक निवास पर चाचा का परिवार रहता है। रविवार शाम वह अपने चाचा भगवत प्रसाद शुक्ला के साथ दावत में शामिल होने गया था। वहां से रात 9:00 बजे के करीब दोनों वापस बहेरा स्थित घर पहुंचे।
रात होने के कारण सत्येंद्र ने वहीं रुकने का फैसला किया। वह कपड़े बदल कर सोने जा ही रहा था कि तभी उसके मोबाइल पर फोन आया। वह बाइक लेकर घर से निकल गया। बहुत देर तक वापस ना आने पर परिवार वालों ने उसकी पत्नी को फोन किया तो पता चला कि वह वहां भी नहीं पहुंचा है। इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू हुई।
बहुत देर तक तलाश के बाद भी कुछ पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई। खीरी पुलिस ने नंबर सर्विलांस पर लगवाया तो उसकी लोकेशन सलैया पहाड़ी पर मिली। तलाश करते हुए पुलिस सलैया पहाड़ी पहुंची तो वहां पहले मोबाइल और फिर कुछ दूर पर बाइक पड़ी मिली। आगे बढ़ने पर सत्येंद्र की क्षत-विक्षत लाश मिली जिसे देख पुलिस वाले स्तब्ध रह गए।
हत्यारों ने उसका सिर काटकर अलग कर दिया था, जो घर से करीब 20 मीटर की दूरी पर पड़ा मिला। सूचना मिली तो परिवार वाले भी आ गए। सुबह होते-होते वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए। जांच पड़ताल के बाद पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।