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हाईवे पर युवक की हत्या, विरोध में लगाया जाम

Sun, 21 May 2017 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नवाबगंज के अनुज पटेल का शुक्रवार रात फोरलेन हाईवे पर सोरांव में कत्ल कर दिया गया। वह दो मित्रों के साथ बाइक पर जा रहा था, तभी आरोप है कि विरोधियों ने रंजिशन रोका और लाठी से पिटाई की। वह जान बचाकर भागा तो ट्रक की चपेट में आ गया। उसके दोनों दोस्त भी जख्मी हो गए। पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों ने छह लोगों पर केस दर्ज कराया और शनिवार दोपहर कौड़िहार में लखनऊ हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग गिरफ्तारी, मुआवजा और शस्त्र लाइसेंस की थी। विधायक और पुलिस अफसरों ने आश्वासन देकर चक्काजाम खत्म कराया।
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अनुज पटेल (25) बुदौना नारेपार गांव निवासी किसान रामजनक पटेल के दो बेटों में बड़ा था। वह शुक्रवार रात दोस्तों दातापुर गांव के मंटू मिश्रा और गोलू के साथ बाइक पर सोरांव की तरफ गया था। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे फोरलेन हाईवे पर टोल प्लाजा और एसबीआई शाखा के बीच उन तीनों पर हमला हुआ। आरोप है कि जगत तिवारी, उसके दो बेटों रामजी तिवारी, महेश तिवारी, गांव के ही लालता प्रसाद तिवारी, श्यामजी तिवारी, पंकज तिवारी ने उन तीनों को रोककर लाठी-डंडों से पीटा। अनुज भागा तो ट्रक की चपेट में आ गया। उसके दोनों साथी भी गंभीर घायल हो गए। खबर पाकर पहुंची पुलिस उन तीनों अस्पताल ले गई, जहां अनुज को मृत बताया गया। इस घटना की खबर अनुज के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिवार के लोग अस्पताल पहुंच गए। फिर सोरांव थाने जाकर नामजद तहरीर दी।

शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद करीब दो बजे अनुज का शव कौड़िहार में हाईवे पर रखकर परिजनों ने चक्काजाम कर दिया। गुस्साए लोगों ने एक डीसीएम समेत कई वाहनों पर पथराव किया। पथराव में नवाबगंज थाना प्रभारी यशपाल सिंह बाल-बाल बचे।
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फोरलेन हाईवे पर सोरांव में नवाबगंज के अनुज पटेल के कत्ल के बाद परिजनों ने शनिवार दोपहर कौड़िहार में लखनऊ हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग थी कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, मुआवजा मिले और शस्त्र लाइसेंस दिया जाए। चक्काजाम की खबर पर मौके पर पहुंचे विश्वनाथगंज के अपना दल विधायक डॉ.आरके वर्मा और एसपी गंगापार मुन्नालाल ने परिवार के लोगों से बात की। उन्हें किसान बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता और शस्त्र लाइसेंस दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही भरोसा दिया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है। तब जाकर लोग दो घंटे बाद हटे तो पुलिस ने यातायात शुरू कराया। इतनी देर में लखनऊ मार्ग पर दोनों तरफ जाम लग गया था।

पुलिस का कहना है कि मृतक और विरोधियों के बीच इधर कुछ समय से रंजिश गहरा गई थी। एक मई को आरोपी लालता प्रसाद की बेटी के साथ छेड़खानी का केस दर्ज कराया था। आरोप है कि छात्रा कॉलेज से घर लौट रही थी तभी रास्ते में अनुज और मंटू ने छेड़खानी की थी। तीसरे रोज लालता प्रसाद ने अनुज के खिलाफ फायरिंग और हत्या की कोशिश का मुकदमा लिखाया था। तब से अनुज पुलिस के डर से घर से बाहर ही रह रहा था। इसके अलावा दोनों पक्षों में प्रधानी चुनाव की रंजिश भी थी। अनुज ने जगत तिवारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि वे दोनों हार गए और तीसरा व्यक्ति प्रधान चुना गया।  

अनुज का ब्याह मऊआइमा इलाके के छीतेमऊ में तय कर दी गई थी। पांच जून को सगाई होनी थी। उसकी भावी पत्नी भी दोपहर में कौड़िहार पहुंची और शव देखकर बेसुध हो गई। अनुज की मां सीता देवी समेत परिवार और रिश्ते के लोग विरोधियों को कोसते हुए उन्हें कड़ी सजा देने की मांग करते रहे।
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