वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के सरकारी नौकरी व रोजगार सृजन के दावे सच्चाई से परे हैं। देशी विदेशी कंपनियों द्वारा निवेश के दावे अभी तक हवा-हवाई ही साबित हुए हैं। प्रदेश से वास्तव में पूंजी और श्रम दोनों का पलायन तेजी से बढ़ा है जो कि सरकार के दावों की असलियत को उजागर करने के लिए पर्याप्त है।
इस मौके पर युवाओं ने चेतावनी भी दी कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ जारी रहा तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। प्रस्ताव लेकर रोजगार समेत ज्वलंत मुद्दों को लेकर बने एजेंडा यूपी का समर्थन किया गया और 17 जनवरी को लखनऊ में आयोजित सम्मेलन में युवा प्रतिनिधियों के शामिल होने का भी निर्णय लिया गया।
इस मौके पर संयुक्त युवा मोर्चा केंद्रीय टीम सदस्य राजेश सचान, युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह, पीयूसीएल के मनीष सिन्हा, बीपीएड मोर्चा के अंशुमान सिंह, एलके चौधरी, अर्जुन प्रसाद, अजय गौतम, सुधीर कुमार, पुष्प राज सिंह, प्रदीप चौधरी, जंग बहादुर पटेल, विजय मोहन पाल, राम सागर चौधरी, रूपा देवी, सुनीता प्रजापति, अनिल कुमार सिंह, बृजेश पटेल, रमेश यादव, निशा कुशवाहा, इमरान अंसारी, राजेश यादव, हरिश्चंद्र सैनी समेत सैकड़ों युवा शामिल रहे।