हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 6 लाख रिक्त पदों को तत्काल भरने जैसे सवालों को लेकर युवा मंच के बैनर तले 27वें दिन रविवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। फरवरी में प्रशासन की पूरी तरह से इलेक्शन मोड में होने की खबरों पर युवाओं ने सरकार से मांग की है कि शिक्षा आयोग का विधिवत गठन हरहाल में 30 जनवरी तक सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही छह लाख रिक्त पदों को तत्काल भरने के लिए सरकार कार्रवाई करे। खासतौर पर मांग की गई कि टीजीटी पीजीटी विज्ञापन में 25 हजार रिक्त पदों को शामिल किया जाए।एलटी व प्रवक्ता जीआईसी और प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों को तत्काल विज्ञापित किया जाए। प्रस्तावित भर्तियों में न्यूनतम तीन साल उम्र सीमा में छूट दी जाए। सरकार युवाओं के सवालों को हल करने के बजाय उसका फोकस रोजगार सृजन और रिकार्ड सरकारी नौकरी मुहैया कराने के प्रोपेगैंडा पर है जो कि जमीनी हकीकत से उलट है।
ऐसे में युवाओं ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के आगाज के लिए 12 जनवरी युवा दिवस के मौके पर सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। इसके लिए खुसरो बाग समेत छात्रावासों, लाज में हजारों छात्रों से संवाद कर 12जनवरी को पत्थर गिरजाघर पहुंचने की अपील की गई। सोशल मीडिया में भी प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी 12 जनवरी को युवा सम्मेलन में पहुंचने का आवाहन किया गया। सरकार को चेतावनी दी कि बयानबाजी बंद कर युवाओं के सवालों को हल करे अन्यथा इसका खामियाजा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
धरना प्रदर्शन और युवाओं से संवाद के दौरान संयुक्त युवा मोर्चा केंद्रीय टीम सदस्य राजेश सचान, युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह, एडवोकेट प्रदीप चौधरी, गौरव, सुनीता प्रजापति, निशा कुशवाहा, अनीता यादव, ललिता तिवारी, विजय मोहन पाल, सुरेंद्र पटेल, महेश कुमार, जंग बहादुर पटेल, विनय कुमार मौर्या, उमा त्रिपाठी, ज्ञान सिंह, राम सागर चौधरी समेत अन्य युवा शामिल रहे।