कीडगंज में बेरहमी से पीटे जाने के बाद कोमा मेें गए महेश केशरवानी (30) की इलाज के दौरान मौत के बाद शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने पहले थाने पर विरोध जताया और पोस्टमार्टम के बाद शव रखकर रामबाग में जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे अफसरों ने किसी तरह उन्हेें शांत कराया। मामले में तीन आरेापियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि एक की तलाश जारी है।
मूल रूप से भुंडा, करछना का रहने वाला महेश केशरवानी पुत्र ननकू वर्तमान में कीडगंज में रहता था। लेबर चौराहे पर पान की गुमटी चलाने वाले भांजे अभिषेक निवासी मलाकराज ने बताया कि छह अक्तूबर को रात नौ बजे के करीब बकाया मांगने पर अंकित राजपूत ने अपने दो-तीन साथियों संग मिलकर उस पर हमला बोल दिया। बचाने पर हमलावर सरिया लेकर महेश पर टूट पड़े। सिर पर किए गए ताबड़तोड़ वार से वह बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा। जिसके बाद हमलावर भाग निकले। लहुलुहान हालत में महेश को एसआरएन ले जाया गया जहां उसे भर्ती कर लिया गया।
इसके बाद से वह होश में नहीं आया। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिस पर आक्रोशित परिजनों ने थाने पहुंचकर विरोध जताया। किसी तरह समझाकर घर भेजा गया। लेकिन पोस्टमार्टम के बाद शाम पांच बजे के करीब परिजनों ने शव रखकर लेबर चौराहे पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची सीओ बैरहना अमिता सिंह ने उन्हें किसी तरह समझाकर जाम खत्म कराया। उन्होंने बताया कि हमलावरों में चार लोग शामिल थे। इनमें से अंकित के अलावा खुल्दाबाद के ही रविरंजन राय व सुलेमसराय के राजीव यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एक की तलाश जारी है।
आरोपियों को बचाने की भी हुई कोशिश?
लेबर चौराहे पर जाम लगाने के दौरान यह भी आरोप लगाए गए कि एक आरोपी के अधिवक्ता पुत्र होने की वजह से उसे बचाने की भी कोशिश हुई। पुलिस ने गंभीर चोट के बावजूद मुकदमे में हत्या के प्रयास की धारा नहीं लगाई। दो दिन तक होश नहीं आने के बाद खुद को फंसता देख बृहस्पतिवार को केस में धारा 307 जोड़ी गई और आननफानन में आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। फिलहाल मौत के बाद मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम कर लिया गया है। वहीं खुल्दाबाद इंस्पेक्टर रोशनलाल का कहना है कि तहरीर के आधार पर धाराएं लगाई गई थीं। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई।