आसरा फाउंडेशन की ओर से जनकवि कैलाश गौतम की स्मृति में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन ठिठोली -2016 के तहत जुटे देश के नामचीन रचनाकारों ने जहां शब्द-शब्द रंगपर्व की खुशियां बिखेरीं, वहीं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यों के लिए कई विशिष्टजनों को सम्मानित किया गया। शनिवार को प्रीतमनगर दुर्गा पूजा पार्क में आयोजित समारोह में पद्मश्री सुनील जोगी ने ‘मेरी मस्ती ख़तम नहीं होगी, और ये आँख नम नहीं होगी’ सुनाकर समां बांधा। कवयित्री डॉ. सरिता शर्मा ने ‘सारी दुनिया से दूर हो जाऊं, तेरी आँखों का नूर हो जाऊँ’ और कुमार मनोज ने ‘मुहब्बत से भरी मीठी चुभन महसूस करता हूँ, अकेले में मगर अब भी घुटन महसूस करता हूँ’ सुनाकर खूब तालियां बटोरी।
इसी क्रम में सुपरिचित गीतकार यश मालवीय ने ‘दबे पैरों से उजाला आ रहा है, फिर कथाओं को खंगाला जा रहा है’ सुनाकर उजास और उम्मीद से जोड़ा तो संचालक श्लेष गौतम ने ‘धरा कभी छोड़ी नहीं छूकर भी आकाश, अजर अमर तुम हो गए कविता के कैलाश’ सुनाकर जनकवि कैलाश गौतम की स्मृतियां सहेजीं। डॉ.सुमन दूबे ने ‘पक गए हैं बाल एक काम करो, नींदे हराम नहीं राम-राम करो’, कमलेश राजहंस ने ‘कोई कमी न हो, मेरे तुम्हारे आँख में कोई नमी न हो’तो पदम् अलबेला की रचना ‘चश्मा पुराना हो गया नज़र अभी वही है, यादों की वादियों में मंज़र अभी वही है’ खूब पसंद की गई। विकास बौखल ने ‘शान से नापत सड़क गाँव नेतवन ऐ भाय इनोवा में घूम रहे हैं आज ऐ भाय कई विधायक गोवा में’, अनिल बौझर ने ‘उनसे मिलै का होय तो उनके कूचे जाव, हमहू कूचे गए रहे तुमहू कूचे जाव’, सुनाकर खूब हंसाया।
इसके अतिरिक्त अशोक अज्ञान ,अखिलेश द्विवेदी, अनुराग अनुभव ने भी रचनापाठ किया। इस दौरान स्मारिका का विमोचन भी किया गया। मंडलायुक्त राजन शुक्ला, महापौर अभिलाषा गुप्ता, विधायक पूजा पाल ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। संस्था अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने संयोजन, संतोष तिवारी ने स्वागत, डॉ.श्लेष गौतम ने संचालन और महासचिव पंकज पाठक ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ सुनील जोगी को 51 हजार रुपये के ‘कैलाश गौरव सम्मान’से नवाजा गया। इसी क्रम में नंदिता प्रकाश व श्वेता गुप्ता को ‘बाल गौरव सम्मान’, महापौर अभिलाषा गुप्ता को ‘नगर गौरव सम्मान’,डॉ राज बावेजा को चिकित्सा सम्मान, रागिनी चतुर्वेदी को साहित्य सम्मान, साधना उपाध्याय विधि सम्मान, डॉ.रंजना बाजपेयी को शिक्षा सम्मान, पूनम दूबे को कला सम्मान और आयुष पॉल को युवा सामाजिक सेवा सम्मान प्रदान किया गया।