कोविड काल में योग लोगों के लिए अपनी क्षमताओं के विकास में अत्यंत सहायक साबित हुआ है। यह बात इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने जगत तारन गर्ल्स डिग्री कॉलेज के संस्कृत विभाग की ओर से आयोजित वेबिनार में कही।
‘वर्तमान वैश्विक संकट में योग की प्रासंगिकता’ विषय पर आयोजित वेबिनार में अमेरिका से शामिल प्रो. शिव कुमार चतुर्वेदी ने वैदिक योग धर्म और विज्ञान की तुलनात्मक व्याख्या करते हुए उसकी प्रासंगिकता को विभिन्न दृष्टांतों के माध्यम से प्रस्तुत कर जीवंत कर दिया।
इविवि के संस्कृत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. हरिदत्त शर्मा ने योग को समग्र जीवन दर्शन के रूप में प्रमाणिकता के साथ बताया। इविवि में संस्कृत के विभागाध्यक्ष प्रो. उमाकांत यादव ने योग के स्वरूप एवं उसके विविध आयामों की चर्चा की। इसके अलावा थाईलैंड से प्रो. एनसी पंडा, बुल्गारिया से डॉ. बलियाना ने भी योग पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्राचार्य डॉ. कमला देवी ने अतिथियों का स्वागत किया। इससे पूर्व डॉ. प्रतिभा आर्या के मंत्रोच्चारण के साथ वेबिनार की शुरुआत हुई। डॉ. कनक लता दुबे एवं डॉ. दर्शन कुमार ने विभिन्न सत्रों का संचालन किया। वेबिनार में 25 राज्यों एवं विदेशों से तकरीबन एक हजार प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम की सह संयोजिका डॉ. प्रमा द्विवेदी रहीं।