2016 में नैनी जेल शूटआउट कांड में चार साल से पुलिस को छका रहा वांछित अपराधी आलोक उर्फ कल्लू यादव शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। शाहगंज इलाके से गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस ने उसके कब्जे से पिस्टल-स्कॉर्पियो बरामद की है। 2016 में नैनी जेल गेट पर हुई इस सनसनीखेज घटना में शेरडीह निवासी ज्ञानचंद व लालता यादव को गोलियों से भून दिया गया था।
इस मामले में शेरडी गांव निवासी शैलेंद्र यादव समेत 10 लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें से आठ आरोपी जेल भेजे जा चुके है। एक आरोपी आलोक उर्फ कल्लू यादव निवासी सोनौटी झूंसी घटना के बाद से ही फरार था जिस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित था।
पुलिस अफसरों ने बताया कि एसओजी सर्विलांस सेल प्रभारी व एसओ शाहगंज बृजेश सिंह ने सटीक मुखबिरी पर शनिवार दोपहर लीडर रोड पर ब्लैक फिल्म लगी स्कॉर्पियो को रोका जिसमेें इनामी आलोक उर्फ कल्लू सवार था। तलाशी के दौरान उसके पास पिस्टल व चार कारतूस मिले। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में उसने बताया कि फरारी के दौरान वह भदोही, मिर्जापुर व आसपास के जनपदों में रहा। बरामद स्कॉर्पियो के बारे में बताया कि वह उसकी खुद की है। उसका एक भाई सेना में है जिसकी वजह से वह गाड़ी पर आर्मी लिखवाकर घूमता था। पुलिस ने बताया कि वह हत्या के प्रयास व डकैती के दो अन्य मामलों में भी नामजद रह चुका है।
अब सवा लाख के इनामी की तलाश
नैनी जेल शूटआउट में अब जिला पुलिस को सवा लाख के इनामी दीपक वर्मा की तलाश है। वाराणसी निवासी दीपक शार्प शूटर है और वह भी अब तक पकड़ा नहीं जा सका है। वाराणसी पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया है। उधर जिला पुलिस ने भी उस पर 25 हजार का इनाम रखा है।