भर्ती संस्थाओं के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा लाखों प्रतियोगियों को अवसर गवांकर चुकानी होगी। प्रतियोगियों को टीजीटी और राजस्व निरीक्षक भर्ती के लिए वर्षों बाद मौका मिला लेकिन उन्हें एक अवसर से वंचित होना पड़ेगा। दोनों परीक्षाएं एक ही दिन 25 जनवरी को पड़ गई हैं। इससे अभ्यर्थियों में जबरदस्त नाराजगी है और वे आंदोलनरत हैं लेकिन दोनों भर्ती संस्थाएं परीक्षा टालने को तैयार नहीं हैं। गौर करने वाली बात यह है कि कर्मचारी चयन आयोग की स्नातक स्तरीय भर्ती 2014 की टीयर-टू परीक्षा भी 24 और 25 जनवरी को घोषित की गई थी लेकिन अभी तक टीयर-वन का रिजल्ट ही घोषित नहीं हुआ है। इसकी वजह से उसे स्थगित कर दिया गया है। यदि यह परीक्षा भी निर्धारित तिथि पर होती तो अभ्यर्थियों की मुसीबत और बढ़ जाती और उन्हें किन्हीं दो अवसरों से वंचित होना पड़ता।
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से पीजीटी-टीजीटी भर्ती के लिए पांच साल बाद परीक्षा कराई जा रही है। बोर्ड ने 2011 में आवेदन मांगा था लेकिन विवादों की वजह से अभी तक परीक्षा नहीं हो पाई है। राजस्व निरीक्षक की भर्ती परीक्षा भी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पहली बार करा रहा है। गौर करने वाली बात यह भी है कि राजस्व निरीक्षक के लिए साढ़े छह लाख से अधिक तथा टीजीटी के लिए तकरीबन पांच आवेदन पहुंचे हैं। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने दोनों भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है। दोनों भर्तियों के लिए आवेदन करने वाले रोहित माथुर, सुचित्रा सिंह आदि का कहना है कि उन्हें एक बड़े अवसर से वंचित होना पड़ेगा। यह उनके साथ अन्याय है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडेय का कहना है कि एक ही दिन दो या दो से अधिक परीक्षाएं पड़ने की समस्या आम हो गई है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मिले अवसरों का फायदा नहीं उठा पाते। आशीष मिश्रा का कहना है कि इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में धांधली की शिकायत भी आम हो गई है। इससे प्रतियोगी ठगा महसूस कर रहे हैं।