राजेश ओबरा सोनभद्र का मूल निवासी था। वह दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। कमरे से मिले तीन पेज के सुसाइड नोट में उसने लिखा कि सॉरी मम्मी-पापा मैंने आपके तीन साल की मेहनत को खराब कर दिया। मेरी कोई बात आप लोगों को यदि गलत लगी हो तो मुझे माफ कर दीजिएगा। मेरी मौत का किसी पर इल्जाम न आए इसलिए मैं यह सब लिख रहा हूं।
हंडिया स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र राजेश कुमार (21) ने कर्ज और पढ़ाई से परेशान होकर कमरे में फंदे से लटककर जान दी थी। यह बात उसके कमरे से मिले सुसाइड नोट से सामने आई है। मंगलवार को उसका अंतिम वर्ष का पेपर था लेकिन वह परीक्षा में शामिल नहीं हुआ। जब उसके साथी पेपर देकर लॉज में लौटे तो वह अपने कमरे में फंदे से लटका हुआ था।
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राजेश ओबरा सोनभद्र का मूल निवासी था। वह दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। कमरे से मिले तीन पेज के सुसाइड नोट में उसने लिखा कि सॉरी मम्मी-पापा मैंने आपके तीन साल की मेहनत को खराब कर दिया। मेरी कोई बात आप लोगों को यदि गलत लगी हो तो मुझे माफ कर दीजिएगा। मेरी मौत का किसी पर इल्जाम न आए इसलिए मैं यह सब लिख रहा हूं।
आगे उसने मां के लिए लिखा कि मां की जान बसती है मुझमें, लेकिन मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं। आगे अपने तीन साथियों के नाम का जिक्र करते हुए लिखा है कि उसने एक से 5000, दूसरे से 2800 और तीसरे से 5000 रुपये कर्ज लिया है। पापा कृपया इनके पैसे लौटा दीजिएगा। इस मैटर में मैंने देखा है कि किसी से मेरा खुश चेहरा नहीं देखा जाता।
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पापा टूट जाएंगे अब, मैं क्या करूं मुझसे पढ़ाई नहीं हो पा रही
राजेश ने तीसरे पेज पर मम्मी-पापा, दीदी, छोटी बहन और सभी दोस्तों के लिए दिल का चित्र बनाकर लव यू लिखा है। फिर लिखा है कि अब पापा टूट जाएंगे, मैं क्या करूं मुझसे अब पढ़ाई नहीं हो पा रही है। मैं आखिरी परीक्षा के लिए तैयारी कर रहा था लेकिन उससे पहले बवाल में फंस गया। सब लोग अपना ख्याल रखना और दीदी लोग सब अच्छे से रहना। उसने लिखा कि दीदी तुम्हारी शादी तो नहीं करवा पाउंगा लेकिन पापा सब कुछ अच्छा देखकर शादी कीजिएगा।