Worship in Jain temple, learning of humanity
- फोटो : CITY DESK
जैन मंदिर में आराधना, दी मानवता सेवा की सीख
साध्वी विकाभ्याश्री के सानिध्य में बही भक्तिरस की धार
प्रयागराज। जैन मंदिर में रविवार को साध्वी विकाभ्याश्री ने मानवता सेवा की सीख देते हुए भक्ति रस में सभी को सराबोर कर दिया। इससे पहले निकली शोभायात्रा में लोगों को केसरयिा वस्त्र धारियों ने जिओ और जीने दो का संदेश दिया। जीरो रोड स्थित मंदिर परिसर में इंद्रध्वज महामंडल विधान के आठ दिनी आराधना उत्सव के दौरान अभिषेक, शांतिधारा, आरती का निर्देशन डॉ. अभिषेक जैन कर रहे हैं। आराधना उत्सव का शुभारंभ शोभा यात्रा से हुआ। सिर पर मयूर पंख युक्त मुकुट लगाए केसरिया वस्त्रधारी श्रद्धालु सेवा का संदेश देते रहे।
सत्संग में साध्वी विकाभ्याश्री ने श्रद्धालुओं को बताया कि मनुष्य को हमेशा धर्म से जुड़ा रहना चाहिए, जिससे उसका कल्याण हो। मानवसेवा को सबसे बड़ी सेवा बताते हुए कहा कि हमें ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे सर्वजन कल्याण हो। उन्होंने कहा कि परोपकार न करने वाले का जीवन व्यर्थ है। हमेशा परस्परोग्रहो जीवानाम मंत्र को जीवन में उतारना चाहिए।
मुख्य अतिथि जयपुर से आए नमन पचौरी रहे। पिछ्छी परिवर्तन और दीक्षा कार्यक्रम में बहराइच निवासी कमलेश देवी ने गृहस्थ जीवन त्यागकर वैराग्य धारण किया। भरतपुर राजस्थान से आई पुष्पेंद्र एंड पार्टी की संगीतमयी प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु मगन होकर झूमते रहे। माता की पाद प्रछालन आनंद जैन ने सपरिवार और शास्त्र भेंट शांति देवी जैन ने किया।