एरिया (भूजल स्तर मीटर में)
नैनी 37.07 21.02
सिविल लाइंस 25.78
रानीपुर प्रयाग 25.25
सदर तहसील 25.10
न्यू कटरा 25.03
जार्ज टाउन 24.80
सर्किट हाउस 23.88
एडीएकॉलोनी नैनी 23.14
पीपल गांव 23.00
महेशपुर झूंसी 21.45
भूजल दोहन की ये पांच सबसे बड़ी वजह
1- बिना अनुमति के जगह-जगह कार वाशिंग सेंटर खुलना
2- हर दूसरे घर में सबमर्सिबल पंप का होना
3- रिचार्जिंग की तुलना में अधिक पानी का इस्तेमाल होना
4- भूजल दोहन करने वालों पर शिकंजा न कसना
5- बिल्डिंग व कार्यालय में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम न होना
इस तरह तय होता है मानक
- सुरक्षित जोन--- रिचार्जिंग की तुलना में 70 फीसदी तक भूजल का इस्तेमाल होना
- सेमी क्रिटिकल-- रिचार्जिंग की तुलना में 70 फीसदी से अधिक इस्तेमाल होना
- क्रिटिकल जोन--- रिचार्जिंग की तुलना में 90 से 100 फीसदी तक इस्तेमाल होना
- अतिदोहित--- रिचार्जिंग की तुलना में 100 फीसदी तक इस्तेमाल होना
शहरी क्षेत्र में भूजल की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। लोगों से अपील है कि भूजल दोहन कम करने के साथ रिचार्ज करने पर भी ध्यान दें, ताकि भविष्य में लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो। - रविकांत सिंह, संयुक्त निदेशक, भूगर्भ विभाग
ये भी क्रिटिकल जोन में...
- कौशाम्बी--- चायल ब्लॉक
- प्रतापगढ़--- शिवगढ़, सदर, मानधाता और संडवा चंद्रिका