बाजार में बढ़ी घोंसलों की मांग
अंदावा झूंसी स्थित कुसा होम डेकोर शॉप चलाने वाले कुमार शांतनु सिंह ने बताया कि गौरैया के लिए रेडीमेड घोंसले आमतौर पर 250 से 500 रुपये तक में उपलब्ध हैं। लोगों में जागरूकता बढ़ने के साथ इनकी मांग भी तेजी से बढ़ी है। घरों और बालकनी में इन्हें लगाने का चलन बढ़ रहा है।
सोशल मीडिया ने भी निभाई अहम भूमिका
फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग अपने घरों में दाना-पानी रखने, घोंसले लगाने और गौरैया से जुड़ी तस्वीरें साझा करते हैं। इन्हें देखकर दूसरे लोग भी प्रेरित होते हैं और इस मुहिम से जुड़ते हैं। यही वजह है कि हर साल इस दिन बड़ी संख्या में लोग गौरैया को बचाने के लिए आगे आते हैं।
गौरैया को बचाने के लिए उनके खाने पीने व रहने के लिए बॉक्स बनवा कर घरों की छत व मुंडेर पर स्थापित करने की जरूरत है। गौरैया पर्यावरण के साथ हमारी फसलों के लिए भी लाभदायक है, क्योंकि ये फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े-मकोड़ो को चुन कर खा कर जाती हैं।- दिव्या सिंह, शोध छात्रा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय