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भाजपा के भीतर मचे घमासान में नेताओं पर भारी पड़े कार्यकर्ता

Mon, 14 Aug 2017 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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ब्लाक प्रमुख के छह सीट के लिए रविवार को हुए उपचुनाव में भाजपा के भीतर का घमासान खुलकर सामने आ गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि पार्टी के दिग्गज नेताओं पर कार्यकर्ता भारी पड़े। शंकरगढ़ में विधायक समर्थित तथा कोरांव में पार्टी के जिलाध्यक्ष समर्थित उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। कोरांव में रामअवध कुशवाहा तथा शंकरगढ़ में भारत सिंह विजयी हुए हैं। इनके अलावा बहरिया में कुलदीप पांडेय और बहादुरपुर में अरुणेंद्र ब्लाक प्रमुख चुने गए। सैदाबाद में प्रमोद कुमार और हंडिया में रामफल निर्विरोध निर्वाचित हुए। डीएम संजय कुमार ने कलेक्ट्रेट में विजेताओं को प्रमाण पत्र दिए और उन्हें बधाई दी।
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प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद गांवों की सरकार बदलने की कवायद भी शुरू हो गई। इस क्रम में सपा समर्थित जिले के ज्यादातर ब्लाक प्रमुखाें के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। इसके बाद कई प्रमुखों ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद जिले के छह ब्लाक प्रमुख के लिए रविवार को मतदान हुआ। मतगणना के बाद शाम को रिजल्ट घोषित कर दिए गए। हालांकि इसमें भाजपा की रणनीति कई सीटाें पर सफल रही और उसके समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे लेकिन इसमें पार्टी की भीतर की लड़ाई भी सामने आ गई। कोरांव और शंकरगढ़ में तो पार्टी का आंतरिक कलह खुलकर सामने आया।

कोरांव ब्लाक प्रमुख के लिए हुए चुनाव में कई रोचक नजारे देखने को मिले। उपचुनाव भाजपा बनाम भाजपा हो गया था। प्रमुख पद के तीनों उम्मीदवार रामअवध कुशवाहा, मंजूलता और गोपाल कृष्ण भाजपा का झंडा और बैनर लेकर मैदान में उतरे थे। मंजूलता को भाजपा के जिलाध्यक्ष शिवदत्त पटेल का समर्थन प्राप्त था। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर मंजूलता के समर्थन की घोषणा की। वहीं रामनवल सिंह, राजेश्वरी तिवारी,इन्द्रभूषण मिश्र, पिन्टू चौबे आदि कार्यकर्ता रामअवध कुशवाहा के पक्ष में खड़े थे। चुनाव अधिकारी नवीन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुल 158 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 156 ने मताधिकार का उपयोग किया। इसमें 148 वैध तथा 8 मतपत्र अवैध पाए गए। वैध मतपत्रों में से रामअवध कुशवाहा को 86 वोट मिले। वहीं मंजूलता को 57 वोट से संतोष करना पड़ा। गोपाल कृष्ण को मात्र पांच मत मिले। इस तरह से रामअवध ने मंजूलता को 27 मतों से हराकर ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुए।
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बारा विधायक डॉ.अजय के लिए शंकरगढ़ ब्लाक प्रमुखी का उपचुनाव झटका देने वाला रहा। उनके समर्थित आनंद राठौर चुनाव हार गए। मतदान के दिन भी विधायक प्रत्याशी के घर डेरा डाले रहे लेकिन वह उनकी हार को नहीं टाल सके। कई नेताओं के लिए प्रतिष्ठ का विषय बने इस सीट पर भारत सिंह विजयी हुए। उनकी इस जीत में पूर्व प्रमुख अशोक पटेल की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। आमने-सामने की लड़ाई में भारत सिंह को 44 तो आनंद राठौर को 38 मत मत मिले। तीन मत अवैध घोषित किए गए।

बहादुरपुर ब्लाक में अरुणेंद्र डब्बू यादव ने बड़ी जीत हासिल की। उन्हाेंने निकटतम प्रतिद्वंदी प्रभाकर पटेल को 44 वोटों के अंतर से हराया। राजकुमार के इस्तीफा के बाद हुए उप चुनाव में अरूणेंद्र यादव डब्बू और प्रभाकर सिंह पटेल पप्पू समेत तीन लोग मैदान में थे। कुल 160 में से 157 बीडीसी सदस्यों ने मतदान किया। इनमें से 98 मत अरूणेंद्र तथा प्रभाकर को 54 वोट मिले। पांच मत अवैध हो गए।

बहरिया ब्लाक प्रमुख पद के लिए उपचुनाव में कुलदीप पांडेय ने भारी मतों से जीत हासिल की। उन्होंने ऊषा देवी को 60 मतों से पराजित किया। जबकि, तीसरे प्रत्याशी प्रताप बहादुर यादव को एक भी वोट नहीं मिला। कुल 136 में से 133 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मतदान किया। इनमें से कुलदीप को 92 तथा ऊषा देवी को 32 मत प्राप्त हुए। सहायक निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार नेेेे कुलदीप पांडेय को 60 मतों से विजयी घोषित किया।
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