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छठ पूजा : उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं पूर्ण किया व्रत, संगम समेत गंगा-यमुना के घाटों पर उमड़ी भीड़

Fri, 08 Nov 2024 06:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगम समेत सभी घाटों पर मेले जैसा नजारा रहा। पानी में खड़ी होकर महिलाओं ने सूप में पूजन और प्रसाद सामग्री लेकर उगते हुए भगवान भास्कर को नमन करने के सात परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मेला प्रशासन ने 15 लाख से अधिक भीड़ होने का दावा किया है। 
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संगम तट पर छठ पूजा पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं महिलाएं. - फोटो : अमर उजाला।

छठ महापर्व के चौथे व अंतिम दिन शुक्रवार को महिलाओं ने सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत को पूर्ण किया।। भोर से ही संगम तट समेत गंगा और यमुना के घाटों पर महिलाओं की भारी भीड़ जमा हो गई। घाटों पर मेले जैसा नजारा रहा। पानी में खड़ी होकर महिलाओं ने सूप में पूजन और प्रसाद सामग्री लेकर उगते हुए भगवान भास्कर को नमन करने के सात परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही छठी मैया और भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया गया। महिलाओं ने एक दूसरे की मां में सिंदूर लगाया और अखंड सौभाग्य की कामना की।

संगम तट समेत बलुआ घाट, किला घाट, सरस्वती घाट, दारागंज घाट, काली घाट, महावीर घाट, रामघाट समेत नैनी, फाफामऊ, झूंसी, शंकरगढ़, मेजा, करछना, बारा, सोरांव, श्रृंगवेरपुर आदि गंगा घाटों पर महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के मंगलमय भविष्य और सुख समृद्धि की कामना की। घाटों पर साफ-सफाई का विशेष प्रबंध किया गया था।

संगम तट पर भगवान सूर्य की प्रतिमा दर्शन के लिए भी काफी भीड़ रही। संगम तट पर 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ होने का दावा जिला प्रशासन ने किया है। घाटों पर बड़ी संख्या में पुलिस, महिला सिपाहियों के साथ जल पुलिस की भी तैनाती की गई थी। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महिलाओं ने परिवार के साथ श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन पूजन भी किया। 

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संगम तट पर छठ पूजा के लिए जुटीं महिओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। - फोटो : अमर उजाला।
ढोल नगाड़ों के साथ घाटों पर पहुंचीं व्रती महिलाएं 

सूर्य उपासना का महापर्व डाला छठ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शुक्रवार सुबह 6:30 के करीब व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुत्र व परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। गंगा, यमुना और टोंस नदी समेत नहर व तालाबों में व्रती महिलाओं ने परंपरागत तरीके से गन्ने को पानी में गाड़ कर विधि विधान से छठी मैया का पूजा अर्चना किया।

इसके बाद उगते सूर्य को अर्ग देकर व्रत को पूर्ण किया। व्रती महिलाओं के साथ घाट पर मौजूद पुत्र पति व परिवार के अन्य सदस्यों ने भी सूर्य को अर्घ्य दिया। डाला छठ पर्व को लेकर बृहस्पतिवार रात से ही घाटों पर ढोल नगाड़ा व भक्ति गीतों की गूंज रही। घाट पर मौजूद लोगों के द्वारा जमकर आतिशबाजी भी की गई। कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में भी गंगा, यमुना और सई नदी के तट पर व्रती महिलाओं की भोर से ही भारी भीड़ देखी गई। ढोल नगाड़ों के बीच महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा अर्चना की। 
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संगम तट पर छठ पूजा के लिए सिर पर दउरा लेकर पहुंचे महापौर गणेश केसरवानी। - फोटो : अमर उजाला।
संगम तट पर छठ पूजा के लिए सिर पर दउरा लेकर पहुंचे महापौर गणेश केसरवानी। 

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छठ पूजा के लिए संगम तट पर रामघाट पर पहुंचे महापौर गणेश केसरवानी। - फोटो : अमर उजाला।
छठ पूजा के इस पावन पर्व पर शुक्रवार को सुबह महापौर गणेश केसरवानी रामघाट संगम पर छठ पूजा के लिए पहुंचे। 
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संगम तट पर डाला छठ पर्व पर पूजन के लिए जुटीं भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
छठ पूजा के लिए संगम तट पर भोर से ही उमड़ी रही भारी भीड़। भगवान भास्कर के निकलते ही छठ मैया की जय, सूर्य भगवान की जय के नारे गूंजने लगे। 
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