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हक के लिए निकली महिला बाइकर्स रैली

Tue, 27 Jun 2017 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और 181 हेल्पलाइन के प्रति जागरूकता के मकसद से सोमवार को शहर के विभिन्न हिस्से में महिला मोटरसाइकिल रैली निकाली गई। लखनऊ से वाराणसी तक के लिए निकली तीन दिनी रैली की अगुवाई हिमालयन रेंज में 18 दिन तक लगातार बाइक चलाने समेत कई तमाम उपलब्धियां हासिल करने वाली पल्लवी फौजदार कर रही हैं। सुभाष चौराहा पर महापौर अभिलाषा गुप्ता ने रैली को हरी झंडी दिखाई।
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चंद्रशेखर आजाद पार्क, मेडिकल कालेज चौराहा, अल्लापुर, सोहबतियाबाग होते हुए रैली विज्ञान परिषद पहुंची। हालांकि, परिषद परिसर में महिला कल्याण, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण तथा पर्यटन मंत्री डॉ.रीता बहुगुणा जोशी को पहुंचना था, लेकिन वह शहर में ही नहीं थीं। ऐसे में सीडीओ सैमुअल पॉल एन. ने रैली का स्वागत किया। रैली में महिला बाइकर्स के अलावा सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल रहे। इस दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी लोगों को महिला अधिकारों तथा महिला-पुरुष अनुपात के प्रति जागरूक किया गया। विज्ञान परिषद में आयोजित कार्यक्रम में पल्लवी फौजदार ने सचेत किया कि बेटे की चाहत में गर्भ में बेटियों की हत्या के प्रति अब भी नहीं चेता गया तो स्थिति भयावह होगी।

सीडीओ ने बेटी और बेटों के बीच अंतर न करने की अपील की। सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से भी लोगों को बेटियों के महत्व को बताया गया। रैली की शुरुआत रविवार को लखनऊ में हुई थी, जो रायबरेली होते हुए सोमवार को यहां पहुंची। जिले में प्रवेश पर प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्र ने 12 बाइकर्स की टीम का स्वागत किया। आखिरी पड़ाव वाराणसी के लिए रैली मंगलवार को यहां से रवाना होगी। रैली तथा अन्य आयोजनों में अफसरों के अलावा पल्लवी के पति मेजर परीक्षित मिश्र, भाजपा नेता अभिषेक शुक्ला, गौरव, कौशाम्बी कराटे एसोसिएशन के सचिव अतुल सोनकर, महिला समाख्या उप्र के पंकज सिंह, निशा चौधरी, बबिता, विनिता, गीतांजलि, किरनलता, रजनी, इंदू, सरोज, समाजसेवी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
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बाइकर्स पल्ल्वी फौजदार बचपन से ही कुछ अलग करना चाहती थीं। उनका यह जुनून ही था कि आज वह रिकार्डधारी बाइकर्स की श्रेणी में शामिल हैं। पल्लवी बताती हैं, उनके नाम तीन ऐसे रिकार्ड हैं, जो पुरुषों ने भी कभी नहीं किए। पल्लवी के लिए सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई मिशन बन चुका है। इस मिशन में पति मेजर परीक्षित मिश्रा तथा परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ हैं। विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि कुपोषण तथा समस्याओं के खिलाफ अभियान चलाया। वह गांव-गांव गईं और लोगाें को जागरूक किया। पल्लवी के 11 और सात वर्ष के दो बेटे हैं।

उनका कहना है कि गर्भ में बेटियों को मारने का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में बहुएं नहीं मिलेंगी। इसलिए इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के इस अभियान में वह शामिल हुईं। उनका कहना है, ‘पहले लोग कहते हैं, लड़की है नहीं कर पाएगी। शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारियों की वजह से महिलाएं कुछ नहीं कर पातीं लेकिन यह सबकुछ गलत है।’ उनका कहना है, ‘पहले मैंने मोटरसाइकिल चलाने में रिकार्ड बनाए। अब भी कई गतिविधियों में शामिल हूं।’ पल्लवी ने अपील की कि आज बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं। ऐसे में साथ भेदभाव के बजाय उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है।
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