पुलिस ऑफिस में मीडिया से मुखातिब कथित पीड़िता ने बताया कि नौकरी से निकाले जाने के बाद रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इससे नाराज होकर उसने सबक सिखाने के लिए एसपी पर गंदा आरोप लगाया था। इसके लिए महिला ने छमा भी मांगी। उधर, दोपहर बाद पहुंची जांच कमेटी ने ओसा स्थित कांशीराम अतिथि गृह में महिला का बयान दर्ज किया।
आईजी ने बताया सोशल मीडिया के जरिए घटना की जानकारी मिली थी। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। जो भी फैक्ट सामने आएंगे उसे वरिष्ठ अफसरों को सौंपा जाएगा। महिला के बयान बदलने के बाद उसके खिलाफ होने वाली कार्रवाई के बाबत आईजी ने कहा कि सारे तथ्य अफसरों को सौंपे जाएंगे। निर्णय अफसरों को करना है।
बालू के अवैध खनन का विरोध तो नहीं रहा साजिश का हिस्सा
एसपी पर गंभीर आरोप लगाने वाली महिला भले ही अपने बयान से मुकर गई हो, लेकिन पूरे घटनाक्रम के पीछे एक बड़ी साजिश की बू आ रही है। चर्चा रही कि महकमे के कुछ लोगों ने बालू से अवैध खनन से होने वाली काली कमाई में खलल पड़ने के कारण साजिश रची। सूत्रों की मानें तो सरायअकिल में सबसे ज्यादा बालू का अवैध खनन हो रहा था। जिसे एसपी ने नेस्तनाबूद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसे लेकर खनन माफिया चंदा एकत्र कर एसपी के खिलाफ साजिश रच रहे थे।
महिला को मोहरा बनाया गया और बकायदा कुछ लोगों के जरिए वीडियो वायरल कराकर अफसरों को ट्वीट तक कराया।हालांकि, आरोप लगाने वाली महिला का बराबर यही कहना था कि उसे किसी ने न तो उकसाया और न ही किसी तरह का प्रलोभन दिया। गुस्से में आकर उसने वीडियो वायरल कराया था।