बता दें कि कौशाम्बी में सोमवार को एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव पर उनके ही आवास में काम कर चुकी महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया। कहा कि शराब के नशे में एसपी ने गलत काम के लिए दबाव बनाया। वहीं, एडीजी जोन भानु भाष्कर ने बताया कि डीजीपी के निर्देश पर मामले की जांच के लिए आईजी रेंज चंद्रप्रकाश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसमें एसपी चित्रकूट वृंदा शुक्ला और सीडीओ प्रतापगढ़ ईशा प्रिया को भी शामिल किया गया है। यह समिति चार दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
महिला कौशाम्बी की ही रहने वाली है और पिछले कुछ महीनों से काम कर रही थी। उसका आरोप है कि एक दिन साहब ने घर पर मछली बनवाई और शराब पी। फिर कमरे में पानी रखने को कहा। वह पानी रखकर जाने लगी तो गलत काम का दबाव बनाया। महिला के आरोप का वीडियो भी वायरल हुआ।
एसपी कौशाम्बी का कहना है कि छोटेलाल यादव नाम के फॉलोअर ने मेरी 86 वर्षीय बीमार मां की देखभाल के लिए महिला को भांजी बताकर रखवाया था। पिछले कुछ समय से लगातार आवास से सामान चोरी हो रहे थे। करीब 10 दिन पहले पत्नी के कपड़े और सोने की पायल चोरी हो गई। इसके बाद ही महिला व फॉलोअर को हटा दिया गया था। इसी को लेकर वह बेबुनियाद आरोप लगा रही है।
उधर, सोमवार को देर रात एसपी पर आरोप लगाने वाली महिला मंगलवार को सुबह अपने आरोपों से मुकर गई। उसने वीडियो जारी कर कहा कि उसने काम से निकाले जाने से गुस्सा होकर एसपी पर यह आरोप लगाया है। इसके पीछे किसी का हाथ नहीं है। वह अपने आरोप वापस ले रही है।