जिला अदालत ने प्रोफेसर से एप डाउनलोड कराकर बैंक खातों से कुल 6.64 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में महिला की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश राहुल सिंह - प्रथम ने दिया है।
जिला अदालत ने प्रोफेसर से एप डाउनलोड कराकर बैंक खातों से कुल 6.64 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में महिला की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश राहुल सिंह - प्रथम ने दिया है। झारखंड निवासी प्रमिला देवी के खिलाफ साइबर ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाने में प्रो. विनोद यादव ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार आरोपी ने प्रो. विनोद यादव को बिल नहीं जमा होने पर बिजली कनेक्शन काटने का झांसा देकर उनके मोबाइल में रस्ट रिमोट डेस्कटॉप एप डाउनलोड कराया। इसके बाद उनके विभिन्न बैंक खातों से कुल 6.64 लाख रुपये निकाल लिए। विवेचना में सामने आया कि ठगी की रकम में से दो लाख रुपये प्रमिला देवी के क्रेडिट कार्ड से जुड़े खाते में पहुंचे थे। जिनका उपयोग बिल भुगतान में किया गया। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराध ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान प्रणाली में जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं। अदालत ने प्रमिला देवी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।