घूरपुर में शनिवार को पटरी पार कर रही बुजुर्ग महिला और उसके पोते व पोती ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से घर में कोहराम मच गया। दादी दोनों बच्चों का बाल कटवाने के लिए उन्हें नाई की दुकान पर ले जा रही थी। उसी समय हादसा हो गया। मौके पर पुलिस के अलावा रेलवे के अधिकारी भी पहुंचे।
घूरपुर के घोसियाना कस्बे की रहीसुन निशा (60) पत्नी मुहासिम रजा पड़ोस के गांव में अपनी बेटी झन्नन की ससुराल गई थी। उसके साथ पांच साल की पोती अनीशा और ढाई साल का पोता अहमद भी था। दोनों के बाल बड़े हो गए थे। लौटते समय दादी ने सोचा दोनों के बाल कटवा दें। वह नाई की दुकान पर उन्हें ले जाने के लिए पटरी पार कर रही थी। प्रयागराज-मुंबई रेल मार्ग पर दोनों बच्चों का हाथ पकड़े वह पटरी पार कर रही थीं कि उसी समय नैनी की ओर से ट्रेन आ गई। इसकी चपेट में तीनों आ गए।
मौके पर ही तीनों की मौत हो गई। हादसे की जानकारी होने पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। कुछ ही देर में रोते बिलखते हुए परिजन भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर जीआरपी व आरपीएफ भी घटनास्थल पर पहुंची। तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पिता अमीन खान और मां ने बच्चों के शव देखे तो उनकी हालत बिगड़ गई। मां तो बेहोश हो गई थी। एसओ भुवनेश चौबे के मुताबिक कुछ लोगों नेे बुजुर्ग महिला को दोनों बच्चों का हाथ पकड़े पटरी पार करते देखा था। ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि वो कुछ समझ नहीं पाईं और ट्रेन की चपेट में आ गईं।