वाराणसी मैसूर एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 22688 की एस थ्री कोच में सफर कर रही कर्नाटक की महिला से बृहस्पतिवार आधी रात छिवकी स्टेशन के आगे लिंक जंक्शन पर चेन छिनैती हो गई। महिला यात्रियों के दल के साथ काशी, अयोध्या, प्रयागराज का भ्रमण कर वापस कर्नाटक लौट रही थी। टिकट के पीछे लिखे टोल नंबर पर शिकायत करने पर कोई रिस्पांस नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित के साथ चले रहे लोगों ने मामले में ऑन लाइन एफआईआर दर्ज कराई।
बता दे कि कर्नाटक के आसन जिले से 25 यात्रियों को दल बीते 17 जुलाई को काशी, अयोध्या और प्रयागराज के भ्रमण में निकला था। बृहस्पतिवार को यह दल वापस लौट रहा था। उन्होंने वाराणसी से वाराणसी मैसूर एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 22688 से वापस आ रहे थे। इसमें तीन कोच में सभी के अलग-अलग बर्थ कंफर्म थी। बृहस्पतिवार रात करीब बारह बजे ट्रेन छिवकी स्टेशन पहुंची। यहां से ट्रेन मानिकपुर की ओर रवाना हो गई। स्टेशन डाक कर ट्रेन लिंक जंक्शन पर पहुंची थी, यहां पर कुछ देर के लिए ट्रेन रूकी तो तीन युवक कोच में चढ़ गई। जैसे ही ट्रेन चली बर्ड पर आराम कर रही गिरजा देवी पत्नी ईरप्पा के गले में मौजूद 31 ग्राम का मंगलसूत्र युवक झपट्टा मारते हुए चलती ट्रेन से कूद गए।
महिला ने शोर मचाया तो साथ यात्रा कर रहे लोग वहां पहुंचे और फिर उन्होंने ट्रोल फ्री नंबर 139 में फोन किया, लेकिन कोई रिसपांस न मिलने पर 182 पर इसकी शिकायत की, लेकिन इसमें भी कोई रिस्पांस नहीं मिला। इसके बाद उनके साथ यात्रा कर रहे डॉ. जयराज, सत्यमा, प्रकाश, सुजाना, नागरत्ना ने दूसरे कोच में मौजूद साथियों को इसकी जानकारी दी और कोच में मौजूद टिकट कलेक्टर को इसके बारे में बताया। टिकट कलेक्शन ने टोल फ्री नंबर पर ही शिकायत करने की बात कही।
काफी देर परेशान होने के बाद साथ यात्रा कर एक साथी ने मामले में ऑनलाइन एफआईआर की। पीड़ित ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि रात को ट्रेन के ठहरने पर रिजर्वेशन कोच में युवक चढ़ गए, लेकिन किसी स्कॉट ने उन्हें मना नहीं किया। साथ ही ट्रेन चलने पर वह आसानी से चेन लेकर फरार हो गए। पीड़िता ने बताया कि ऑन लाइन एफआईआर दर्ज हो गया है, लेकिन अभी तक उनसे किसी ने संपर्क नहीं किया। मामले में जीआरपी नैनी प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसी किसी घटना की जानकारी उन्हें अभी नहीं है। वह साक्ष्य में बनारस गए थे। अभी लौटे है, पता करते है। संवाद