Prayagraj News : रोशनी के पार्थिव शरीर को अंतिम सलामी देते अधिकारी।
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रोशनी का तिरंगे में लिपटा शव देख वह गश खाकर बेहोश हो गया। इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। शव लेकर आने वाले सीआरपीएफ जवानों और पुलिस कर्मियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद गार्ड ऑफ ऑनर के साथ गांव के किनारे बाग में रोशनी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों के साथ ही आसपास के लोगों ने गांव पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को ढांढस बंधाया। देर शाम तक गांव में शोक संवेदना जताने वालों का तांता लगा रहा।
टूट गए सपने, बिखर गईं खुशियां
सीआरपीएफ की जवान रोशनी सिंह की मौत हाथ पीले होने से महज पखवारे भर पहले हुई। अगले महीने सात दिसंबर को अमेठी जिले के बछिलाही गांव निवासी अनुज प्रताप सिंह के साथ वह सात फेरे लेने वाली थी। पांच दिन बाद ही 27 नवंबर को रोशनी का तिलक चढ़ाने की तैयारी थी। इस बीच उसको डेंगू होने की खबर आई तो परिजन हैरान हो गए। लेकिन, घरवालों को पूरा भरोसा था कि तिलक से पहले ही रोशनी पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगी। अचानक रोशनी की मौत की खबर आई तो सारी खुशियां मातम में बदल गई। परिजनों को भरोसा ही नहीं हो रहा था कि उसकी लाडली रोशनी अब हमेशा के लिए दुनिया छोड़कर जा चुकी है।