ऑनलाइन एग्जाम
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ऐसे में इन छात्र-छात्राओं के लिए ई-लर्निंग का कोई महत्व नहीं रह गया है। अगर लॉक डाउन के बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में कक्षाओं का संचालन नहीं होता है और सीधे परीक्षाएं कराई जाती हैं तो ऐसे छात्र-छात्राओं को नुकसान होगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि लॉक डाउन के बाद विश्वविद्यालयों में कक्षाओं का संचालन होना चाहिए और जब यह सुनिश्चित हो जाए कि सभी विद्यार्थियों का कोर्स पूरा करा ल लिया गया है, उसके बाद ही परीक्षाएं कराई जानी चाहिए।