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मोबाइल न कंप्यूटर, कैसे होगी ऑनलाइन पढ़ाई

Mon, 06 Apr 2020 01:38 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज नेटवर्क, प्रयागराज
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online site - फोटो : amar ujala
लॉक डाउनलोड में फंसे छात्र छात्राओं के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय और प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई है, लेकिन बहुत से छात्र-छात्राएं इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और राज्य विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या ऐसे छात्र-छात्राओं की है जो ग्रामीण इलाकों से आते हैं और उनके पास स्मार्ट फोन या कंप्यूटर जैसी सुविधा नहीं है।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के इन छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन पढ़ाई मुश्किल हो गई है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और इसके संघटक महाविद्यालयों ने ई-लर्निंग की शुरुआत की है। इसके तहत विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन पर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा वेबसाइट पर भी पाठ्यक्रम अपलोड किए गए हैं। फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से भी ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है।
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विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन पंजीकरण - फोटो : demo pic
दूसरी ओर राज्य विश्वविद्यालय और इसके संघटक 664 महाविद्यालयों ने भी ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू किया है। राज्य विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पाठ्यक्रम अपलोड कर दिए गए हैं। साथ ही यूट्यूब के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और राज्य विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना है कि लॉक डाउन समाप्त होने के बाद सेमेस्टर परीक्षाएं तत्काल शुरू करा दी जाएं ताकि नए सत्र की समय से शुरुआत हो सके और लॉक डाउन के बाद कक्षाओं के संचालन में समय व्यर्थ ना हो।

हालांकि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और राज्य विश्वविद्यालय में तकरीबन 50 फीसदी छात्र ग्रामीण इलाकों से आते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर इन विद्यार्थियों के पास न तो स्मार्ट फोन है और न ही कंप्यूटर की सुविधा है।
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ऑनलाइन एग्जाम - फोटो : फाइल फोटो
ऐसे में इन छात्र-छात्राओं के लिए ई-लर्निंग का कोई महत्व नहीं रह गया है। अगर लॉक डाउन के बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में कक्षाओं का संचालन नहीं होता है और सीधे परीक्षाएं कराई जाती हैं तो ऐसे छात्र-छात्राओं को नुकसान होगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि लॉक डाउन के बाद विश्वविद्यालयों में कक्षाओं का संचालन होना चाहिए और जब यह सुनिश्चित हो जाए कि सभी विद्यार्थियों का कोर्स पूरा करा ल लिया गया है, उसके बाद ही परीक्षाएं कराई जानी चाहिए।
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स्मार्टफोन वाले भी परेशान

बहुत से ऐसे छात्र-छात्राएं भी हैं जिनके पास स्मार्टफोन या कंप्यूटर हैं लेकिन इंटरनेट का डाटा खत्म हो गया है। जिन दुकानों में डाटा रिचार्ज की सुविधा है, लॉक डाउन में वे बंद चल रही हैं। तमाम विद्यार्थियों ने तो ऑनलाइन माध्यम से मोबाइल डाटा रिचार्ज करा लिया है लेकिन बहुत से छात्र-छात्राएं डाटा रिचार्ज नहीं करा सके हैं और इन परिस्थितियों में उनके सामने ई-लर्निंग में बाधा आ रही है।
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