रायबरेली एक्प्रेस के नाम से मशहूर ओलंपियन सुधा सिंह ने 42 किलोमीटर की अखिल भारतीय इंदिरा मैराथन प्रतियोगिता में महिला वर्ग में प्रथम रहीं। पुरुष वर्ग में जयपुर आर्मी के शेर सिंह अव्वल रहे।
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Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में महिला वर्ग में चैंपियन सुधा सिंह 167 नंबर।
- फोटो : अमर उजाला।
अखिल भारतीय प्राइजमनी इंदिरा मैराथन 2022-23 का ताज राजस्थान पुलिस में तैनात जयपुर के शेर सिंह तथा पद्मश्री एवं अर्जुन अवार्डी ओलंपियन सुधा सिंह के सिर सजा। पुरुष वर्ग में बीते वर्ष के उपविजेता प्रयागराज के अनिल कुमार सिंह इस बार तीसरे स्थान पर रहे। वहीं महाराष्ट्र के विक्रम बांगरिया को दूसरा स्थान मिला। बीते वर्ष विक्रम छठे स्थान पर रहे थे। दोनों धावक सेना के हैं।
महिला वर्ग में महाराष्ट्र की अश्विनी मदन जाधव दूसरे एवं ज्योति शंकर राव तीसरे स्थान पर रहीं। ज्योति शंकर 2013-14 से 2018-19 तक लगातार छह बार इंदिरा मैराथन की विजेता रहीं। पहली बार इंदिरा मैराथन में शामिल होने वाली अश्विनी और ज्योति शंकर ने साथ में ही प्रशिक्षण प्राप्त किया है। करीब आधी दूरी तक सबसे आगे चल रहीं प्रयागराज की कविता पटेल की वापसी में रफ्तार धीमी पड़ गई और उन्हें पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा।
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Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले शेर सिंह 566 नंबर।
- फोटो : अमर उजाला।
इंदिरा मैराथन में पहली बार दो ओलंपियन पुरुष वर्ग में महाराष्ट्र के गोपी थानाकल तथा महिलाओं में सुधा सिंह ने हिस्सा लिया। ऐसे में सबकी नजर इन पर रही लेकिन गोपी थानाकल को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विमला सिंह, लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में कोच थीं और विजेता सुधा ने उनके निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
मैराथन की शुरुआत शनिवार को सुबह 6.30 बजे आनंद भवन से हुई और 42.195 किमी की दूरी पूरी करने के बाद चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में समाप्त हुई। खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने मैराथन को हरी झंडी दिखाई। इसमें देश भर के धावकों ने प्रतिभाग किया। पूरे रूट पर दोनों तरफ लोग मौजूद रहकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहे।
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Prayagraj News : इंदिरा मैराथन प्रतियोगिता के विजेता।
- फोटो : अमर उजाला।
पुरुष वर्ग में प्रथम चार स्थान पर रहने वाले धावक काफी समय तक साथ-साथ दौड़े। प्रथम तीन स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों के बीच तो काफी रोचक मुकाबला रहा। विजेता शेर सिंह ने दो घंटे 20 मिनट 11.3 सेकेंड में दौड़ पूरी की। वहीं उपविजेता विक्रम ने दो घंटे 21 मिनट 58.3 तथा स्थानीय हीरो अनिल कुमार ने दो घंटे 23 मिनट 28.5 सेकेंड में दौड़ पूरी की।
इस तरह से विक्रम, विजेता से सिर्फ एक मिनट 47 सेकेंड तथा अनिल 03 मिनट 17.2 सेकेंड से पीछे रह गए। अनिल ने बीते वर्ष यह दौड़ दो घंटे 22 मिनट आठ सेकेंड में पूरी की थी। महिला वर्ग की विजेता सुधा सिंह ने दो घंटे 51 मिनट 40.3 सेकेंड, उप विजेता अश्विनी मदन ने तीन घंटे एक मिनट 22.5 सेकेंड तथा तीसरे स्थान पर रहीं ज्योति ने तीन घंटे पांच मिनट 15.2 सेकेंड में दौड़ पूरी की।
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Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में भाग लेते धावक।
- फोटो : अमर उजाला।
दिन में करीब दो बजे आयोजित
दौड़ पूरी होने के बाद समारोह में खेल राज्यमंत्री ने विजेताओं को इनामी राशि और प्रमाण पत्र दिए। इस मौके पर सांसद केशरी देवी पटेल, ओलंपियन अभिन्न श्याम गुप्ता, खेल निदेशक आरपी सिंह, डीएम संजय कुमार खत्री, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विमला सिंह समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
विजेताओं को मिले दो-दो लाख
इंदिरा मैराथन के विजेताओं को दो-दो लाख रुपये दिए गए। वहीं उप विजेताओं को एक-एक लाख तथा तीसरे स्थान पर रहने वाले धावकों को 75-75 हजार रुपये मिले। दोनों ही वर्ग में चौथे से 14वें स्थान तक रहने वाले 11-11 खिलाड़ियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 10-10 हजार रुपये मिले।
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Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में भाग लेते प्रतिभागी।
- फोटो : अमर उजाला।
इंदिरा मैराथन के विजेता
पुरुष वर्ग
क्रम संख्या - नाम - पता - समय
1. शेर सिंह - जयपुर (राजस्थान) - 2:20:11.3
2. विक्रम बांगरिया - महाराष्ट्र - 2:21:58.3
3. अनिल कुमार सिंह - प्रयागराज - 2:23:28.5
4. गोपी थानाकल - महाराष्ट्र - 2:26:32.3
5. सर्वेश कुमार - रायबरेली - 2:26:49.9
6. नीरज कुमार - गाजीपुर - 2:27:57.2
7. हेतराम - कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) - 2:27:57.6
8. राकेश - आगरा - 2:28:04.9
9. हेमंत सिंह - भरतपुर (राजस्थान) - 2:38:29.8
10. जितेंद्र राजभर - देवरिया - 2:38:50.3
11. अखिलेश सिंह - भदोही - 2:41:19.2
12. उत्सव - प्रयागराज - 2:41:35.8
13. सुरेंद्र कुमार - जयपुर (राजस्थान) - 2:46:34.3
14. अजय राजभर - गाजीपुर - 2:47:04.1
Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में हिस्सा लेते धावक।
- फोटो : अमर उजाला।
शुरुआत से ही रोचक रहा मुकाबला
पुरुष वर्ग में प्रथम चार स्थान पर रहने वाले धावक काफी समय तक साथ-साथ दौड़े। प्रथम तीन स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों के बीच तो काफी रोचक मुकाबला रहा। विजेता शेर सिंह ने दो घंटे 20 मिनट 11.3 सेकेंड में दौड़ पूरी की। वहीं उपविजेता विक्रम ने दो घंटे 21 मिनट 58.3 तथा स्थानीय हीरो अनिल कुमार ने दो घंटे 23 मिनट 28.5 सेकेंड में दौड़ पूरी की।
इस तरह से विक्रम, विजेता से सिर्फ एक मिनट 47 सेकेंड तथा अनिल 03 मिनट 17.2 सेकेंड से पीछे रह गए। अनिल ने बीते वर्ष यह दौड़ दो घंटे 22 मिनट आठ सेकेंड में पूरी की थी। महिला वर्ग की विजेता सुधा सिंह ने दो घंटे 51 मिनट 40.3 सेकेंड, उप विजेता अश्विनी मदन ने तीन घंटे एक मिनट 22.5 सेकेंड तथा तीसरे स्थान पर रहीं ज्योति ने तीन घंटे पांच मिनट 15.2 सेकेंड में दौड़ पूरी की।
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Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में प्रतिभाग करते धावक।
- फोटो : अमर उजाला।
दिन में करीब दो बजे आयोजित
दौड़ पूरी होने के बाद समारोह में खेल राज्यमंत्री ने विजेताओं को इनामी राशि और प्रमाण पत्र दिए। इस मौके पर सांसद केशरी देवी पटेल, ओलंपियन अभिन्न श्याम गुप्ता, खेल निदेशक आरपी सिंह, डीएम संजय कुमार खत्री, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विमला सिंह समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में धावकों पर पुष्पवर्षा की गई।
- फोटो : अमर उजाला।
विजेताओं को मिले दो-दो लाख
इंदिरा मैराथन के विजेताओं को दो-दो लाख रुपये दिए गए। वहीं उप विजेताओं को एक-एक लाख तथा तीसरे स्थान पर रहने वाले धावकों को 75-75 हजार रुपये मिले। दोनों ही वर्ग में चौथे से 14वें स्थान तक रहने वाले 11-11 खिलाड़ियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 10-10 हजार रुपये मिले।
Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में भाग लेते धावक।
- फोटो : अमर उजाला।
मैराथन धावकों का रास्ते में छात्रों ने किया उत्साहवर्धन
शनिवार को इंदिरा मैराथन के धावकों का नैनी में जगह-जगह स्कूली छात्रों व आमजन ने स्वागत किया। प्रतियोगिता को लेकर रीवा राजमार्ग को सुबह पांच बजे से ही वनवे कर दिया गया था। साथ ही हर चौराहे पर पुलिस तैनात की गई थी। नए यमुना पुल, लेप्रेसी चौराहे पर माधव ज्ञान केंद्र कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्रों ने धावकों का तालियों से उत्साहवर्धन किया। नए यमुना पुल से दांदूपुर स्थित पेट्रोल टंकी, टर्निंग प्वाइंट तक पूरे रास्ते में लोग सड़क किनारे खड़े होकर धावकों का उत्साहवर्धन करते रहे। आधा दर्जन स्थानों पर छात्रों व समाजसेवियों ने धावकों के लिए पानी, ग्लूकोज व मुसम्बी की व्यवस्था की थी। मैराथन को लेकर नए यमुनापुल के लेप्रोसी चौराहे के दोनों ओर वाहनों को रोके जाने के कारण जाम की स्थिति बनी रही। प्रतियोगिता के बीच-बीच में पुलिस कर्मी रास्ता खोलकर वाहनों को पास कराते रहे।