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अब साकार होगा अपने आशियाने का सपना

Wed, 02 Mar 2016 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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आने वाले दिनों में लोगों के अपने आशियाने का सपना साकार होगा, क्योंकि अब एर्फोडेबिल हाउसिंग स्कीमों में फ्लैट्स कम कीमत पर मिलेंगे। ऐसा होगा 60 वर्गमीटर (600 वर्गफीट) तक के फ्लैटों पर सर्विस टैक्स में छूट और बिल्डरों को ऐसे फ्लैटों पर आयकर में छूट देने से। मेट्रो शहरों में यह सीमा 30 वर्गमीटर तक निर्धारित की गई है। बजट में इस संबंध में घोषणा होने के बाद नई आवासीय योजनाओं की संख्या में बढ़ोतरी की भी संभावना है।
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हर किसी का सपना होता है अपना आशियाना लेकिन वर्तमान में ऊंची कीमतों के कारण फ्लैट्स निम्न और निम्न मध्यम आय वर्ग के लोगों की पहुंच से दूर हो गए हैं। इस बार के बजट में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने ऐसे लोगों का ख्याल रखते हुए बड़ी राहत का ऐलान कर दिया है। इसके तहत बिल्डर एर्फोडेबल हाउसिंग स्कीम के तहत 60 वर्गमीटर तक फ्लैट बनाते हैं तो उसकी बिक्री पर सर्विस टैक्स नहीं ले सकेंगे। 
यानी फ्लैट की कुल कीमत के 25 प्रतिशत हिस्से पर लगने वाले सर्विस टैक्स से खरीदार को छुटकारा मिल जाएगी, जबकि  अभी तक दो हजार वर्गफीट या एक करोड़ रुपये से कम मूल्य के फ्लैट पर कुल कीमत के 25 प्रतिशत पर 14.50 (अब 15 प्रतिशत) की दर से सर्विस टैक्स देना होता था। इससे अधिक के क्षेत्रफल या एक करोड़ रुपये से ज्यादा के फ्लैट पर कुल मूल्य के 30 फीसदी हिस्से पर सर्विस टैक्स लगता था।इसके साथ बिल्डर भी अब मोटा मुनाफा कमा सकेंगे क्योंकि जिन बिल्डरों के एर्फोडेबिल हाउसिंग प्रोजेक्ट जून 2016 से मार्च 2019 के बीच स्वीकृत होंगे और तीन वर्ष में प्रोजेक्ट पूरा कर लेंगे, उन्हें फ्लैट बेचने पर होने वाले मुनाफे पर कोई आयकर नहीं देना होगा, जबकि अभी तक बिल्डर को फ्लैट बेचने में अगर 10 लाख रुपये मुनाफा हुआ तो उसे तीन लाख रुपये आयकर देना पड़ता है। यानी आयकर और सर्विस टैक्स न देने से बिल्डरों को सीधे मुनाफा होगा।
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बजट में बिल्डरों को मुनाफे में आयकर छूट मिलने के बाद फ्लैटों की कीमत दो से पांच लाख रुपये तक कम हो सकती हैं। इलाहाबाद में छह सौ वर्गफीट क्षेत्रफल के अंदर बनने वाले टू बीएचके एलआईजी एवं मिनी एमआईजी श्रेणी के फ्लैट की सरकारी कीमत इलाकों के हिसाब से 15-25 लाख रुपये तक है। निजी बिल्डर इससे काफी अधिक कीमत पर फ्लैट बेचते हैं। इस पर सर्विस टैक्स अलग से लिया जाता है। एक फ्लैट की बिक्री में बिल्डर को तकरीबन 20 फीसदी तक मुनाफा होता है। नई व्यवस्था के तहत योजना तय समय पर पूरी होने पर इस पर बिल्डरों को मुनाफे में आयकर छूट मिलेगी, सो बिल्डर इस छूट का आधा फायदा भी ग्राहकों को दें तो टू बीएचके एलआईजी एवं मिनी एमआईजी फ्लैटों की कीमत दो से पांच लाख रुपये तक कम हो सकती है।
तय समय पर प्रोजेक्ट स्वीकृति और उसे पूरा करने पर आयकर में छूट मिलने पर सीधा फायदा बिल्डर को होगा, क्योंकि इसे आयकर और सर्विस टैक्स न देने की स्थिति में 30 से 35 फीसदी का फायदा होगा। इस मुनाफे का कुछ हिस्सा फ्लैट पर खर्च करने से उसकी लागत स्वत: कम हो जाएगी। ऐसे में फ्लैट की कीमतें भी कम होंगी।निधि सिंह, टैक्स की जानकार
सरकार अगर फायदा देगी तो निश्चित रूप से छोटे फ्लैटों की कीमतें कम होंगी। ऐसी स्थिति में 20-25 हजार रुपये महीने वेतन पाने वाले लोग भी  अपने घर के बारे में सोच सकेंगे, जो वर्तमान स्थिति में संभव नहीं था। इम्तियाज अहमद, बिल्डर
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