गोपनीय रखा गया है रूट, फिलहाल अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं
अतीक को किस रूट से साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जाएगा फिलहाल यह बेहद गोपनीय रखा गया है। प्रयागराज से लेकर लखनऊ तक के अधिकारी इस मामले में कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। फिलहाल उनका यही कहना है कि सुरक्षा कारणों से इस संबंध में गोपनीयता बरती जा रही है। जानकारों का कहना है कि साबरमती से प्रयागराज पहुंचने के तीन रास्ते हैं। इनमें से पहला रास्ता अहमदाबाद से हिम्मतनगर उदयपुर कोटा झांसी और फिर प्रयागराज है। दूसरा रास्ता अहमदाबाद से गोधरा इंदौर भोपाल जबलपुर होकर प्रयागराज पहुंचता है। इसी तरह तीसरा रास्ता अहमदाबाद से गोधरा इंदौर शिवपुरी झांसी और फिर प्रयागराज के बीच का है।
टाइम लाइनः
- सुबह 9:30 बजे के करीब तीन बोलेरो और दो वज्र वाहनों से एसटीएफ और पुलिस की टीम साबरमती जेल पहुंची।
-11ः30 बजे मेडिकल चेकअप कराया गया
-2ः30 बजे तक पांच घंटे में पूरी की गई प्रक्रिया5:45 बजे शाम पुलिस टीम ने अतीक अहमद को हिरासत में लेकर जेल से निकाल कर उसे वज्र वाहन में बैठाया।
हाईटेक असलहों से लैस जवान सुरक्षा में तैनात, जीपीएस से ट्रैकिंग
अतीक अहमद को प्रयागराज लाने के लिए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत हाइटेक असलहे से लैस 30 जवानों का विशेष दस्ता तैनात किया गया है। इसके अलावा एसटीएफ की दो टीमें इस ऑपरेशन में लगाई गई हैं, जिसमें प्रयागराज इकाई के साथ ही लखनऊ एसटीएफ के तेज तर्रार अफसर भी शामिल किए गए हैं। वज्र वाहनों में कैमरे भी लगाए गए हैं और पुलिसकर्मियों को भी बॉडीबॉर्न कैमरे दिए गए हैं इसके अलावा इस पूरे ऑपरेशन की जीपीएस से ट्रैकिंग भी की जा रही है।
चर्चा इस बात की भी है कि काफिला कई सूनसान जगहों से भी होकर गुजरेगा। ऐसे में इन जगहों पर ट्रैकिंग के लिए सुरक्षा में लगी टीमें ड्रोन का भी सहारा ले सकती हैं। इसके अलावा एक आईपीएस और तीन डिप्टी एसपी भी इस ऑपरेशन में लगाए गए हैं।
प्रयागराज में डीसीपी गंगानगर अभिषेक भारती को इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ तीन डिप्टी एसपी भी लगाए गए हैं। इस पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग खुद डीजीपी मुख्यालय की ओर से की जा रही है। जहां आला अफसर ऑपरेशन की एक एक पल की जानकारी ले रहे हैं।
यह है पूरा मामला
राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल का 2006 में अपहरण कर लिया गया था। 2007 में बसपा सरकार आने पर उमेश पाल की ओर से इस मामले में अधिक समेत 11 लोगों के खिलाफ धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस मामले की सुनवाई 23 मार्च को पूरी हो चुकी है और 28 मार्च को फैसला सुनाया जाना है। 11 में से एक की मौत हो चुकी है जबकि 10 आरोपियों पर आरोप तय हुए हैं। जिन पर आरोप तय हुए हैं उनमें अतीक अहमद के अलावा उसका भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ और गुर्गा आबिद प्रधान, आशिक उर्फ मल्ली, जावेद इसरार, एजाज अख्तर, दिनेश पासी, खान सौलत, हनीफ और एक अन्य शामिल हैं।