आयोग की बैठक में पारित हो चुका है उत्तरकुंजी जारी करने का प्रस्ताव
पारदर्शिता का दावा करने वाले आयोग को सबसे पहले पीसीएस, आरओ/एआरओ, प्रवक्ता, अभियंत्रण सेवा जैसी प्रमुख परीक्षाओं की अंतिम उत्तर कुंजी जारी करनी चाहिए। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि आयोग वर्ष 2015 से पहले तक अंतिम उत्तर कुंजी जारी नहीं करता था, जबकि उससे पहले ही आयोग की बैठक में उत्तर कुंजी जारी करने का प्रस्ताव पारित हो चुका था।
अभ्यर्थी जब कोर्ट में गए तो आयोग ने वर्ष 2015 से उत्तर कुंजी जारी करनी शुरू की। इसके बाद पीसीएस-2015, 2016 और 2017 की उत्तर कुंजी में सवालों के विवाद को लेकर अभ्यर्थी कोर्ट गए।
परीक्षाओं के आयोजन पर सवाल उठने लगे। आयोग ने वर्ष 2019 या इसके बाद हुईं परीक्षाओं की अंतिम उत्तर कुंजी जारी नहीं की है। समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि इस बार अभ्यर्थी फिर कोर्ट की शरण में गए हैं। आयोग अगर पारदर्शिता का दावा करता है तो प्राप्तांक, कटऑफ और अंतिम उत्तर कुंजी नियमित रूप से जारी की जाए।