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Prayagraj : 11.37 लाख के गबन किसने किया, एटीएम कैमरा खोलेगा राज

Mon, 09 Jan 2023 08:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

राजरूपपुर स्थित एटीएम से 11.37 लाख रुपये के गायब होने के मामले में आरोपी दोनों कस्टोडियन के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस अब मशीन के भीतर लगे कैमरे की फुटेज खंगालने की तैयारी में है। पुलिस का मानना है कि फुटेज से साफ हो जाएगा कि गबन किसने किया।
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atm - फोटो : Pixabay
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राजरूपपुर स्थित एटीएम से 11.37 लाख रुपये के गायब होने के मामले में आरोपी दोनों कस्टोडियन के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस अब मशीन के भीतर लगे कैमरे की फुटेज खंगालने की तैयारी में है। पुलिस का मानना है कि फुटेज से साफ हो जाएगा कि गबन किसने किया। मामला राजरूपपुर स्थित यूनियन बैंक के एटीएम से संबंधित है। एटीएम में कैश लोडिंग का काम देखने वाली कंपनी एजीएस सिक्योर वैल्यू प्राइवेट लिमिटेड के ऑपरेशन असिस्टेंट अरुण त्रिपाठी ने गबन के आरोप में कस्टोडियन नंदकिशोर निवासी जफरगंज, चक जफर अली फतेहपुर और रितेश मिश्रा निवासी कटरा रीवा, मप्र पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू की। जिसके तहत दोनों आरोपियों के साथ ही कंपनी से जुड़े कुछ अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए गए। फिलहाल दोनों आरोपी खुद को निर्दोष बता रहे हैं। 

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बयान दर्ज करने के बाद पुलिस अब एटीएम के भीतर लगे कैमरे की फुटेज खंगालने की तैयारी में है। दरअसल एटीएम केबिन में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। जिसकी जानकारी दोनों कस्टोडियन ने पुलिस को बयान में दी है। ऐसे में एटीएम के भीतर लगे कैमरे का फुटेज मामले के खुलासे में बेहद अहम हो सकता है। जानकार बताते हैं कि एटीएम के भीतर एक सर्विलंास कैमरा लगा होता है। जो एटीएम से लेनदेन करने वाले हर शख्स की तस्वीर कैप्चर करता है। ऐसे में एटीएम से जिसने भी रुपये निकाले होंगे, उसकी तस्वीर भी इस कैमरे में जरूर कैद हुई होगी। 
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10 दिन में गायब हुए 11.37 लाख रुपये
बता दें कि 11.37 लाख रुपये महज 10 दिन के भीतर गायब कर दिए गए। 28 सितंबर को दोनों कस्टोडियन ने एटीएम में 10 लाख रुपये जमा किए। जिसके बाद जमा कुल रकम 13.35 लाख हो गई थी। उनके बयान के अनुसार, आठ अक्तूबर को वह दोबारा पहुंचे तो एटीएम नहीं खुला। जिस पर उन्होेंने लॉग बुक में चेस्ट नॉट ओपेन अंकित किया और लौट गए। आठ नवंबर को चेस्ट काटा गया तो उसमें महज 35 हजार रुपये मिले। निकासी अमांउट का ब्यौरा निकालने पर पता चला कि 11.37 लाख रुपये गायब हैं।
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