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पत्नी को गुजारा भत्ता देने का आदेश हुआ तो लापता हो गया पति

Wed, 15 Sep 2021 04:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

हाईकोर्ट ने पुलिस को याची की तलाश कर पेश करने का कई बार आदेश दिया। डीआईजी ने पुलिस सर्च टीम  भी गठित की। फिर भी याची का पता नहीं चल सका। उधर याची के पिता ने अर्जी दाखिल कर कहा कि घरेलू विवाद के चलते उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पत्नी को गुजारा भत्ता देने का कोर्ट ने आदेश दिया तो इससे बचने के लिए पति ही गायब हो गया। हाईकोर्ट ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई है। साथ ही जिला जज वाराणसी और पुलिस कमिश्नर से पूछा है कि कितने ऐसे मामले हैं, जिनमें गुजारा भत्ते का भुगतान नहीं हो रहा है। पांच साल पहले वाराणसी की अदालत ने घरेलू हिंसा केस में पति अरविंद उपाध्याय को अपनी पत्नी व बेटी को अलग कमरे में रहने देने व एक हजार रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट से अंतरिम आदेश मिलने के बाद 9 अप्रैल 17 से वह लापता हो गया।
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हाईकोर्ट ने पुलिस को याची की तलाश कर पेश करने का कई बार आदेश दिया। डीआईजी ने पुलिस सर्च टीम  भी गठित की। फिर भी याची का पता नहीं चल सका। उधर याची के पिता ने अर्जी दाखिल कर कहा कि घरेलू विवाद के चलते उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। कहां गया पता नहीं। पत्नी ने बताया कि कई बार पुलिस को पति की सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले वह वहां से गायब हो गए। इसपर कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर वाराणसी से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है कि एफआईआर दर्ज है तो पुलिस लापता याची का पता क्यों नहीं लगा पा रही। साथ ही पुलिस कमिश्नर को याची व उसके पिता की संपत्ति का पता लगाने और  याची की पत्नी के वहां रहने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने जिला न्यायाधीश वाराणसी व पुलिस कमिश्नर से पूछा है कि ऐसे कितने मामले हैं, जिनमें गुजारा भत्ते का भुगतान नहीं हो रहा और सम्मन तामील नहीं हो पाया है। कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले वकीलों अल्का सिंह व विपिन कुमार सिंह को अगली सुनवाई की तिथि 29 सितंबर को कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान ने अरविंद उपाध्याय की याचिका पर दिया है।
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मामले के अनुसार प्रियंका उपाध्याय ने घरेलू हिंसा कानून के तहत वाराणसी की अदालत में केस कायम किया। कोर्ट ने गुजारा भत्ते के आदेश का एसएचओ सारनाथ को पालन कराने का निर्देश दिया। अधीनस्थ अदालत के आदेश को पति ने हाई कोर्ट में चुनौती दी जिसमें स्थगनादेश पारित किया गया। पत्नी की अर्जी पर हाईकोर्ट ने याची के अधिवक्ता से याची को हाजिर करने के लिए कहा तो बताया कि वह 9 अप्रैल 17 से लापता है।

16 मई 18 को एफआईआर दर्ज कराई गई है। तब से पुलिस तलाश कर रही है और पता नहीं लगा सकी। कोर्ट ने डीआईजी वरुणा जोन के सर्च टीम गठन को प्रथम दृष्टया ड्रामा करार दिया। कहा माडर्न सुविधाएं होने के बावजूद पुलिस लापता की तलाश नहीं कर पा रही। कोर्ट ने कहा कि पति लापता है तो सास-ससुर को अपनी बहू व पोती की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। याचिका की सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
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