संगम तट स्थित रामघाट पर आयोजित गंगा दशहरा महोत्सव के आठवें दिन रविवार को कवियों की महफिल सजी। जय त्रिवेणी जय प्रयाग समिति के मंच पर कवि गौरव चौहान, डॉ. श्लेष गौतम, हेमा पांडेय और वंदना शुक्ला की प्रस्तुतियों ने मोह लिया।
वहीं, हरिहर गंगा आरती समिति के मंच पर भोजपुरी लोक गायिका अलका सिंह पहाड़िया और उनकी टीम के भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। अलका सिंह पहाड़िया ने राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी, गंगा मैया धीरे बहो समेत अन्य गीतों की प्रस्तुति दी। महासचिव अवधेश चंद्र गुप्ता ने सभी को निर्मल और अविरल गंगा बनाने का संकल्प दिलाया।
इस दौरान अध्यक्ष सुरेश चंद्रा बड़े बाबू, मीडिया प्रभारी नरेंद्र मौर्या उर्फ चुन्नू बाबा, लालजी यादव, संचालक आभा मधुर श्रीवास्तव, प्रमोद पांडे, संजू मेहरोत्रा मौजूद रहे।
जय त्रिवेणी जय प्रयाग महाआरती समिति में मुख्य अतिथि कमांडेंट माहिम शर्मा, विशिष्ट अतिथि आईपीएस अधिकारी पंकज पांडेय, अति विशिष्ट अतिथि पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी रहीं।
इटावा के कवि गौरव चौहान की प्रस्तुति पर श्रोता झूमते नजर आए। डॉ. श्लेष गौतम ने ‘दूर अंधेरा होगा नई सुबह फिर आएगी, नई सदी ये गंगा तेरे नाम कहलाएगी’ सुनाकर मोह लिया।
लखनऊ की कवयित्री वंदना पांडेय, हेमा पांडे ने भी प्रस्तुति दी। मुख्य यजमान पीके मौर्य और उनकी पत्नी प्रियंका मौर्य रहीं। इस दौरान अध्यक्ष प्रदीप पांडेय, मीडिया प्रभारी अजय प्रकाश मिश्रा, संरक्षक नागेंद्र सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुमित वैश्य, आशुतोष पालीवाल मौजूद रहे। संवाद