ठाकुर हर नारायण सिंह ग्रुप आफ कॉलेज के तत्वाधान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुति से समां बांध दिया। वो सुहाने दिन आशिकाने दिन, व्हिस्की तो मेरी जान व्हिस्की तो मेहरबान, जमाना क्या से क्या हुआ, रात है नशे में, हाय रे सिक्कों की झंकार साथ में नवी चव्वनी आदि गीतों की शृंखला से देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।
जाने-माने गायक और अभिनेता पियूष मिश्रा ने शनिवार की शाम इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के हाल में गीतों की महफिल सजाई। क्या खुमारी थी, सपना था-चखना था, संग में दारू थी, वो भी क्या दिन थे... की प्रस्तुति से न सिर्फ अपने बीते और संघर्ष के दिनों को याद किया बल्कि आरंभ है प्रचंड... की प्रस्तुति से युवाओं पर छाप छोड़ी।
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ठाकुर हर नारायण सिंह ग्रुप आफ कॉलेज के तत्वाधान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुति से समां बांध दिया। वो सुहाने दिन आशिकाने दिन, व्हिस्की तो मेरी जान व्हिस्की तो मेहरबान, जमाना क्या से क्या हुआ, रात है नशे में, हाय रे सिक्कों की झंकार साथ में नवी चव्वनी आदि गीतों की शृंखला से देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा। तालियों की गड़गड़ाहट और सीटियों के शोर संग पियूष मिश्रा के गीतों पर युवा दिल थिरकते नजर आए।
हर गीतों से पहले उसकी भूमिका के माध्यम से भी उन्होंने श्रोताओं को जोड़े रखा। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत जन-गण-मन अधिनायक जय हो...के साथ हुआ। इस माैके पर कॉलेज के प्रबंधक देवेंद्र प्रताप सिंह, निदेशक डॉक्टर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर विनय प्रताप सिंह ने अभिनेता एवं गायक पियूष मिश्रा एवं अन्य कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। महापौर गणेश केसरवानी, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई सहित सैकड़ों की संख्या में श्रोताओं ने गीतों का आनंद उठाया।