कानपुर गंगा बैराज से डाउनस्ट्रीम में करीब 2.97 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से प्रयागराज और कौशाम्बी में गंगा के कछारी क्षेत्रों में हलचल बढ़ गई है। लगातार बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए प्रशासन ने तटीय गांवों और घाटों पर निगरानी बढ़ा दी है।
कानपुर गंगा बैराज से डाउनस्ट्रीम में करीब 2.97 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से प्रयागराज और कौशाम्बी में गंगा के कछारी क्षेत्रों में हलचल बढ़ गई है। लगातार बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए प्रशासन ने तटीय गांवों और घाटों पर निगरानी बढ़ा दी है। जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रही है।
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कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 113.62 मीटर पहुंच गया है। यह 114 मीटर के चेतावनी स्तर से महज 38 सेमी नीचे है। इसके अलावा नरौरा बैराज से करीब 1.34 लाख क्यूसेक और हरिद्वार बैराज से करीब 91 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने की सूचना है। इनका असर दो दिनों में प्रयागराज में गंगा के जलस्तर पर पड़ने के आसार हैं।
बृहस्पतिवार रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.62 मीटर दर्ज किया गया। चार घंटे में एक सेमी की बढ़ोतरी हुई। छतनाग में जलस्तर 79.65 मीटर रहा और चार घंटे में 10 सेमी बढ़ा।
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वहीं, यमुना नैनी में 80.03 मीटर तक पहुंच गई। यहां भी चार घंटे में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। एसटीपी बक्सी बांध पर जलस्तर 80.24 मीटर रहा। हालांकि, प्रयागराज में गंगा-यमुना अब भी 84.734 मीटर के खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
फाफामऊ, बड़ा बघाड़ा, छोटा बघाड़ा, शिवकुटी, सलोरी, दारागंज और झूंसी के कछारी इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। कौशाम्बी के महमदपुर कछार, कड़ा, कुबरी कछार, संदीपन कछार, शहजादपुर और लेहदरी समेत गंगा किनारे बसे गांवों पर भी प्रशासन की नजर है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।