मोटर फुंक जाने के कारण लगातार दो दिनों से पानी की भारी किल्लत झेल रहे हिंदू हॉस्टल के छात्रों ने मंगलवार सुबह हॉस्टल के सामने चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम तकरीबन दो घंटे तक चला। पानी के टैंकर मंगाए जाने के बाद छात्रों का गुस्सा शांति हुआ और उन्होंने जाम हटाया। हॉस्टल की बोरिंग काफी पुरानी हो जाने के कारण छात्रों को पिछले तीन वर्षों से पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है।
हिंदू हॉस्टल में वर्ष 1996 की बोरिंग से छात्रों को पानी मिल रहा है। बोरिंग 130 फीट की है। बोरिंग पुरानी हो चुकी है और मई-जून के महीने में जलस्तर नीचे चला जाता है। ऐसे में छात्रों को इन दो महीनों में पानी की किल्लत झेलनी पड़ती है। पानी भी जाने के कारण पिछले तीन वर्षों से मई और जून के महीने में छात्रों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ती है। बोरिंग से साल भर पानी के साथ मिट्टी और बालू भी आती है। वाटर कूलर लगा तो है लेकिन काम नहीं करता। ऐसे में छात्रों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है। रविवार रात हॉस्टल में लगी मोटर फुंक गई। सोमवार को हॉस्टल में दिनभर पानी नहीं आया। मंगलवार सुबह भी मोटर नहीं बनी और पानी की आपूर्ति ठप रही। पानी की किल्लत झेल रहे छात्रों का सब्र टूट गया और मंगलवार सुबह 9.30 बजे उन्होंने हॉस्टल के बाहर चौराहे पर जाम लगा दिया। चक्काजाम से वाहनों की लंबी कतार लग गई। घंटे भर तक हालत बदतर बने रहे। इस बीच मौके पर पुलिस फोर्स पहुंच गई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे भी वहां पहुंच गए। उन्होंने छात्रों से बात लेकिन छात्र जमा हटाने को तैयार नहीं हुए। स्थिति बिगड़ने पर पानी के तीन टैंकर मंगाए गए। साथ ही छात्रों को आश्वस्त किया गया कि शाम तक मोटर बनवा दी जाएगी। इसके बाद छात्रों ने जाम हटाया।
चक्काजाम के दौरान ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। कटरा की ओर से आने वाले वाहनों को मनमोहन पार्क चौराहे पर रोककर विश्वविद्यालय रोड और मेयोहाल की ओर से डायवर्ट कर दिया गया। वहीं, लीडर प्रेस चौराहे की ओर से आने वाले ट्रैफिक को हिंदू हॉस्टल चौराहे से सिविल लाइंस हनुमान मंदिर और पत्रिका चौराहा की ओर डायवर्ट कर दिया गया। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग चौराहे से भी हिंदू हॉस्टल की ओर जाने वाला ट्रैफिक रोक दिया गया और उसे महाराणा प्रताप चौराहा और पत्रिका चौराहा की ओर डायवर्ट कर दिया। दूसरे मार्गों पर ट्रैफिक का बोझ बढ़ने से पत्रिका चौराहा, मनमोहन पार्क चौराह समेत कई मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिस वक्त चक्काजाम हुआ, उस दौरान अधिकवक्ता हाईकोर्ट और कचहरी जाते हैं। कर्मचारियों के ऑफिस का समय होता है। जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देर भी हुई।
हिंदू हॉस्टल में यज्ञदत्त शर्मा की विधायक निधि से ओवरहेड टैंक बनकर तैयार हो चुका है लेकिन बोरिंग के ठीक से काम न करने के कारण 50 हजार लीटर की क्षमता वाले ओवरहेड टैंक में इकट्ठा नहीं हो पा रहा है। छात्रों ने मांग की है कि नई बोरिंग कराई जाए लेकिन इविवि प्रशासन यह कहकर पल्ला झाड़ रहा है कि यह ट्रस्ट का हॉस्टल है और विश्वविद्यालय के बजट में ट्रस्ट के हॉस्टल पर पैसा खर्च करने का प्रावधान नहीं है।
कुलपति ने हिंदू हॉस्टल में पानी की सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए हॉस्टल को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नलकूप से जोड़ने का आदेश दे रखा है। यह आदेश माह भर पहले जारी किया गया और मुख्य अभियंता को यह काम पूरा करने का जिम्मा दिया गया था। इसके बावजूद हॉस्टल का कनेक्शन इविवि के नलकूप से नहीं जोड़ा गया।