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Prayagraj News: कछार की बस्तियों में घुसा पानी, फिर बेघर हुए सैकड़ों परिवार

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बाढ़ का पानी एक बार फिर बस्तियों में घुस गया है। इसकी वजह से सैकड़ों परिवार अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। 50 से अधिक परिवारों ने बाढ़ राहत शिविरों में शरण ले ली है।
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नैनी में यमुना और बख्शी बांध पर गंगा का जलस्तर 83 मीटर के पार चला गया है। छाेटा बघाड़ा के शिवमंदिर, अमिताभ बच्चन पुलिया समेत कई इलाकों में लोगों के घरों में काफी ऊंचाई तक पानी पहुंच गया है। इसको देखते हुए एनी बेसेंट राहत शिविर चालू कर दिया गया है। शाम तक यहां 25 से अधिक परिवार पहुंच गए थे।
बेली कछार, बेली गांव, राजापुर, नेवादा, अशोक नगर के निचले इलाकों में भी लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इन इलाकों के भी कई लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। इसी के साथ कैंट मैरिज हॉल को भी बाढ़ राहत शिविर में तब्दील कर दिया गया है और उसमें भी मंगलवार शाम तक 25 से अधिक परिवार पहुंच गए थे।
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मंगलवार दोपहर से गंगा के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी शुरू हो गई। इसके अलावा यमुना के जलस्तर में भी बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। हालांकि इसकी रफ्तार कुछ थमी जरूर है। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से बस्तियों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। इसकी वजह से दोनों राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों के पहुंचने का क्रम रात तक जारी रहा।

खतरे के निशान के करीब पहुंचीं यमुना और गंगा
- यमुना की रफ्तार कुछ थमी लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी जारी, अब गंगा उफान पर
- अभी जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहने के आसार, पहाड़ों पर बारिश से बढ़ी चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। गंगा और यमुना एक बार फिर खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही हैं। नैनी में यमुना तो बख्शी बांध एसटीपी पर गंगा का जलस्तर 83 मीटर से ऊपर चला गया है। दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला अब भी जारी है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से कछारी इलाके के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
दोनों नदियों का खतरे का निशान 84.734 मीटर है। सिंचाई विभाग की मंगलवार सुबह आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार यमुना के जलस्तर में 24 घंटे में 2.88 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका नतीजा रहा कि सुबह ही यमुना का जलस्तर 82.85 मीटर पहुंच गया। मंगलवार शाम चार बजे तक नैनी में यमुना का जलस्तर 83.18 मीटर पहुंच गया था।
इसी तरह से गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 1.43 मीटर की बढ़ोतरी हुई। मंगलवार सुबह आठ बजे जलस्तर 80.82 मीटर रहा। इसके बाद गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार तेज हो गई। शाम चार बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82 मीटर को पार कर गया। वहीं बख्शी बांध एसटीपी पर जलस्तर 83.20 मीटर दर्ज किया गया।
सिंचाई विभाग की शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार कुछ कम हुई है। हालांकि अभी भी जलस्तर में प्रतिघंटे 4.50 सेमी की दर से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
वहीं दोपहर में गंगा के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह आठ से शाम चार बजे के बीच यानी आठ घंटे में ही फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में 118 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और जलस्तर 82 मीटर के पार हो गया।
चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे 14.50 सेमी की दर से बढ़ोतरी जारी थी। इससे कछारी इलाके के लोगों की मुसीबतें और बढ़ती दिख रही हैं।

10 से 15 दिन हैं संवेदनशील
बाढ़ को लेकर अभी 10 से 15 दिनों तक अलर्ट की स्थिति रहने की बात कही जा रही है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। ऐसे में यमुना के जलस्तर में अभी बढ़ोतरी की आशंका है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में बादल फटने और तेज बारिश का सिलसिला जारी है। फिलहाल इससे राहत की भी उम्मीद नहीं है। ऐसे में गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। ऐसे में आने वाले 10 से 15 दिन महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। इसे देखते हुए कछार में बसे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। मंगलवार को बघाड़ा, सलोरी, बेली, राजापुर, नेवादा, अशोक नगर आदि इलाकों में मुनादी भी कराई गई। प्रशासन और पार्षदों की ओर से लोगों से लगातार अपील की जाती रही कि राहत शिविरों में चले जाएं।
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