स्मार्ट सिटी योजना के तहत कुंभ से पहले शहर भर में वाटर एटीएम स्थापित किए जाने में बड़ा ‘खेल’ हो रहा है। हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना कर सिविल लाइंस के महात्मा गांधी मार्ग पर अतिक्रमण कर शटर वाले वाटर एटीएम बूथ स्थापित किए जा रहे रहे हैं। चर्चा है कि वाटर एटीएम के नाम पर लाखों की वसूली की जा रही है। अनुबंध के विपरीत कंपनी पेटी कांट्रैक्टरों को वाटर एटीएम ठेके पर दिए जा रहे हैं, जो नियम विपरीत है। फिलहाल नगर निगम प्रशासन इससे बेखबर है।
वर्ष 2013 में महाकुंभ के पहले नगर निगम ने एमजी मार्ग और स्टेशन रोड(लीडर रोड) पर 200 से अधिक दुकानों पर बुलडोजर चलाया था। एडीए ने भी अपनी स्थापना के समय आवंटित दर्जनों पक्की गुमटियां ध्वस्त करा दी थीं। कुछ महीने पहले एजी आफिस के आसपास, हाल ही में पुलिस लाइन के सामने सहित कई मार्गों से पटरी पर बनी दुकानें जमींदोज की गईं। वहीं जहां कार्रवाई की गई, लगभग उन्हीं स्थानों पर वाटर एटीएम बूथ लगाने की तैयारी है।
नगर निगम ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर और कुं भ मेला क्षेत्र में 200 वाटर एटीएम स्थापित करने की योजना तैयार की। टेंडर की औपचारिकताएं पूरी कर कानपुर की डिसेंट्रिक टेक्नोलॉजी ने यह काम हासिल किया। करीब दो महीने पहले निगम परिसर में पहले वाटर एटीएम का धूमधाम से शुभारंभ किया गया। अब शहर में वाटर एटीएम स्थापित किए जाने का काम चल रहा है। इसका विस्तार सिविल लाइंस क्षेत्र में देखकर लोग हैरान हैं।
महात्मा गांधी मार्ग पर ही कंपनी ने करीब दस प्रमुख स्थानों पर वाटर एटीएम बूथ लगा दिए हैं। सारे स्थान वो हैं, जो अतिक्रमण की जद में आते हैं। सूत्र बताते हैं कि कुछ लोग इन वाटर एटीएम बूथों की बोली दस-दस लाख तक लगा रहे हैं। जोर सुभाष चौराहा, बस अड्डा, बिग बाजार के सामने और पीडी पार्क के साथ हनुमान मंदिर चौराहे के पास के वाटर एटीएम बूथ हासिल करने पर है। कंपनी से हुए अनुबंध के मुताबिक शहर में वाटर एटीएम लगाए जाने में बस अड्डों के साथ रेलवे स्टेशन और भीड़ भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों को शामिल किया गया है, लेकिन स्थलों की सूची अभी तक नहीं बनी है।
जानकारों का मानना है कि अनुबंध शर्तों के विपरीत कोर्ट की आदेश की अवहेलना कर वाटर एटीएम बूथ स्थापित किए जा रहे हैं। शहर में हर दिन पटरी के दुकानदारों को उजाड़ने वाले नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते के साथ शहर भर में भ्रमण करने वाले अफसरों की नजर भी इस गड़बड़ी पर नहीं पड़ रही है। नवागत नगर आयुक्त डॉ. उज्ज्वल कुमार के मुताबिक अभी उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। फाइल देखकर ही कुछ कहा जा सकता है।
लाखों देंगे तो पानी के साथ बेचेंगे अन्य सामान
विज्ञापन के सहारे खर्चों की भरपाई करने के अनुबंध के विपरीत दिए जा रहे वाटर एटीएम पर सिर्फ पानी ही नहीं बिकेगा। सूत्र बताते हैं कि स्ट्रीट वेंडरों से खाली हो चुके सिविल लाइंस के एमजी मार्ग पर लाखों देकर वाटर एटीएम चलाने वाले पानी ही नहीं बेचेंगे बल्कि खाने-पीने की अन्य वस्तुओं की बिक्री भी की जाएगी। मसलन चाय-कॉफी, आइसक्रीम, पिज्जा, बरगर, चाउमीन के साथ अन्य खाद्य पदार्थ वाटर एटीएम पर उपलब्ध हो सकते हैं। शायद इसलिए बिचौलिए वाटर एटीएम दिलाने के लिए सौदेबाजी कर रहे हैं।
कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा। अनुबंध शर्तों को देखकर कंपनी संचालकों से नियमों के मुताबिक काम कराया जाएगा। यदि कहीं गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. उज्ज्वल कुमार, नगर आयुक्त