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सांसद पप्पू यादव सहित 70 को कुर्की का वारंट, स्पेशल कोर्ट ने दिया आदेश

Wed, 06 Feb 2019 01:32 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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कानून और आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में हाजिर न होने पर स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने मधेपुरा बिहार के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सहित 70 लोगों की गिरफ्तारी और कुर्की वारंट जारी किया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने जेष्ठ अभियोजन अधिकारी राधाकृष्ण मिश्र, लाल चन्दन और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।

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घटना आठ नवंबर 1993 की गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने की है। एसएचओ वीएन शर्मा ने सांसद पप्पू यादव और उनके 70 समर्थकों के खिलाफ कानून और आचार संहिता के उल्लंघन की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

आरोप है कि विरोधी राजनैतिक दलों की चुनावी सभाओं में गड़बड़ी करने के उद्देश्य से 19 गाड़ियों में असलहों से लैस होकर आ रहे थे। पुलिस ने जांच किया और उन लोगों के पास से पांच रिवाल्वर तथा बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए थे। 
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अभियुक्तगण काफी समय से कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। कोर्ट ने पप्पू यादव सहित सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट और कुर्की वारंट जारी किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 14 मार्च 2019 को होगी।

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सांसद विनोद सोनकर के खिलाफ वारंट

चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन मामले में कोर्ट में उपस्थित न होने पर भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर के खिलाफ स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने जमानती वारंट जारी किया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश गुप्ता और विशेष अधिवक्ता वीरेन्द्र सिंह गोपाल को सुनकर दिया है। घटना तीन अप्रैल 2014 की कौशांबी के पिपरी थाने की है। वादी अभियंता शुभेन्द्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
 
आरोप है कि जांच के दौरान विनोद सोनकर के वाहन से एक हजार पर्चे जिस पर किसी प्रेस का नाम मुद्रित नहीं था और डायरी बरामद हुई थी। पुलिस ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। प्रकरण की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।

पूर्व विधायक अंबिका चौधरी ने किया सरेंडर, जमानत मंजूर
धरना प्रर्दशन के दौरान अभद्र शब्दों का इस्तेमाल कर भाषण देने के मुकदमे में मंगलवार को पूर्व विधायक अंबिका चौधरी ने स्पेशल कोर्ट में सरेंडर कर जमानत अर्जी पेश की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानतें दाखिल करने पर उनको रिहा कर दिया। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने दिया है। घटना 21 सितंबर 2007 की बलिया कोतवाली की है।

वादी प्रभारी कोतवाली नागेश कुमार मिश्र ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि समाजवादी पार्टी के धरना प्रदर्शन में सपा नेता अम्बिका चौधरी और नारद राय ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। जमानत पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि राजनीतिक विद्वेष के कारण झूठा फंसाया गया था।
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