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प्रयागराजः कबीना मंत्री उपेंद्र तिवारी की गिरफ्तारी का वारंट जारी, बघेल के खिलाफ याचिका खारिज

Wed, 04 Mar 2020 12:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के मुकदमे में उपस्थित न होने पर कबीना मंत्री उपेंद्र तिवारी सहित 99 लोगों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डॉ. बालमुकुंद ने दिया है।

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घटना नौ अक्तूबर 2014 की बलिया के सुखपुरा थाने की है। वादी एसओ तेज प्रताप सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि बलिया सिकंदरपुर मुख्य मार्ग पर फेफना के विधायक उपेंद्र तिवारी, जिला पंचायत सदस्य बृजनाथ सिंह, केतकी सिंह सहित सैकड़ों लोगों ने जाम कर यातायात बाधित किया और सरकार तथा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी। 

प्रकरण की पत्रावली हाईकोर्ट के आदेश से जिला न्यायालय बलिया से अंतरित होकर सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट आई है। मंगलवार को  सुनवाई के दौरान अभियुक्तगण के उपस्थित न होने पर कोर्ट ने उपेंद्र तिवारी सहित सभी अभियुक्तों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट का आदेश जारी किया है। प्रकरण की सुनवाई 31 मार्च 2020 को होगी।

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एसपी सिंह बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका खारिज

हाईकोर्ट ने आगरा से भाजपा सांसद और टूंडला (फिरोजाबाद) से पूर्व विधायक एसपी सिंह बघेल के खिलाफ  दाखिल चुनाव याचिका खारिज कर दी है। याचिका में उनके टूंडला विधानसभा सीट से निर्वाचन को चुनौती दी गई थी। बघेल के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले प्रेमपाल सिंह और राकेश बाबू ने याचिका दाखिल कर निर्वाचन को चुनौती दी थी। याचिका पर न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने सुनवाई की।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि टूंडला विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है जबकि, एसपी सिंह बघेल गड़ेरिया (पाल) बिरादरी के हैं। यह जाति उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ावर्ग में अधिसूचित है। उन्होंने अपनी जाति का गलत प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर चुनाव लड़ा है। 

इस आधार पर उनका निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई थी। इसके जवाब में बघेल की ओर से आपत्ति दाखिल करते हुए कहा गया कि वह गड़ेरिया की उपजाति धनगर से आते हैं। साइमन कमीशन और एससीएसटी आयोग की रिपोर्ट के अनुसार धनगर अनुसूचित जाति है। दूसरे याची ने चार जून 2019 को विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वर्तमान में वह आगरा से सांसद हैं।

कोर्ट ने कहा कि बघेल टूंडला विधानसभा की सदस्यता से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं और उनके खिलाफ  दाखिल याचिका में चुनाव में धांधली का कोई आरोप नहीं लगाया गया है। याचिका अर्थहीन हो गई है। एसपी सिंह बघेल ने 2017 में आगरा विधानसभा सीट से नामांकन किया था। 

यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। बघेल चुनाव में निर्वाचित हुए। वह प्रदेश सरकार में पशुधन, लघु सिंचाई और मत्स्य विभाग के मंत्री भी थे। चार जून 2019 को बघेल ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया, जो इसी दिन स्वीकार कर लिया और टूंडला विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर दी गई।
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