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वोटर संख्या में फर्जीवाड़ा, आयोग जाएगी रिपोर्ट

Thu, 11 Dec 2014 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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 अब वोटरों की संख्या में भी फर्जीवाड़ा होने लगा है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब अगले साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पंचायतों और विधानसभावार तैयार की गई मतदाता सूची का मिलान किया गया। दोनों वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या में कम से कम साढ़े तीन लाख का अंतर आ रहा है। जांच के लिए पंचस्थानीय चुनाव कार्यालय ने ग्राम पंचायतवार सर्वे शुरू करा दिया है। जांच या सर्वे रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी।
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पंचस्थानीय चुनाव कार्यालय की ओर से वर्ष 2010 में तैयार की गई मतदाता सूची के हिसाब से पंचायतों में तकरीबन 32 लाख मतदाता थे। अगले साल त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में अफसरों का अनुमान है कि चार साल में वोटरों की संख्या में कम से कम तीन लाख का इजाफा हुआ होगा, सो पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण में वोटरों की संख्या बढ़कर तकरीबन 35 लाख तक पहुंच सकती है लेकिन जब चार साल पुरानी इस सूची का मिलान जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से तैयार वोटर लिस्ट से किया गया तो अफसर हैरत में पड़ गए।

 जिला निर्वाचन कार्यालय ने विधानसभावार वोटर लिस्ट तैयार की है और उसके  हिसाब से वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में वोटरों की कुल संख्या तकरीबन 32 लाख के आसपास है जबकि अफसरों के अनुमान के मुताबिक ग्रामीण मतदाताओं की संख्या 35 लाख के आसपास होनी चाहिए। विधानसभावार और पंचायतवार वोटरों की संख्या में तकरीबन तीन लाख का अंतर आ रहा है, सो यह तय है कि दोनों में से कोई न कोई सूची गड़बड़ है। मामला गंभीर है, क्योंकि यहां वोटरों की संख्या में बड़ा अंतर किसी फर्जीवाड़े की तरफ इशारा कर रहा है। फिलहाल जांच के लिए पंचस्थानीय चुनाव कार्यालय की ओर से सर्वे शुरू करा दिया गया है। इसके लिए बीएलओ को पंचायतों में घर-घर भेजकर वोटरों के बारे में जानकारी इकट्ठा कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी। हालांकि इस बारे में पंचस्थानीय चुनाव कार्यालय के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार तिवारी का कहना है कि बीएलओ के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है, जो 27 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। सर्वे के बाद साफ हो जाएगा कि वोटरों की संख्या में इतना अंतर क्यों आ रहा है।
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