गंगा एक्सप्रेसवे से जहां पश्चिमी यूपी से दिल्ली और उत्तराखंड तक का सफर आसान हुआ है, वहीं ग्रीन फील्ड हाईवे को मंजूरी मिलने के बाद प्रयागराज से बुंदेलखंड तक सफर भी कम समय में पूरा हो सकेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे से जहां पश्चिमी यूपी से दिल्ली और उत्तराखंड तक का सफर आसान हुआ है, वहीं ग्रीन फील्ड हाईवे को मंजूरी मिलने के बाद प्रयागराज से बुंदेलखंड तक सफर भी कम समय में पूरा हो सकेगा। ग्रीन फील्ड हाईवे जिले की दो तहसीलों बारा व मेजा से होकर निकलेगा। दोनों तहसील में जमीन चिह्नित करने के लिए जल्द ही सर्वे शुरू किया जाएगा। इन गांवों में भी जमीनों का सर्वे व सत्यापन पूरा होने के बाद काश्तकारों की जमीनों का बैनामा किया जाएगा।
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उधर, वाराणसी-चित्रकूट ग्रीन फील्ड हाईवे को भी कैबिनेट ने मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा विंध्य एक्सप्रेसवे के जरिये प्रयागराज से सोनभद्र के रास्ते चार राज्यों तक का सफर सीधे पूरा किया जा सकेगा।
विंध्य एक्सप्रेसवे बनने के बाद चार राज्यों बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व झारखंड की सीमा से लगे सोनभद्र तक पहुंचने में तीन से चार घंटे लगेंगे। वहीं, वाराणसी-चित्रकूट ग्रीन फील्ड हाईवे को बारा व मेजा तहसील के रास्ते बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ देने से प्रयागराज के यमुनापार इलाके से होते ही बुंदेलखंड तक का सफर काफी आसान हो जाएगा। विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए प्रयागराज में गंगापार की तीन तहसीलों के 84 गांवों की 4913.13 हेक्टेयर जमीन ली जानी है।