इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले बकाये के भुगतान को लेकर दाखिल याचिका पर संबंधित अधिकारियों को याची का बकाया चार सप्ताह के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले बकाये के भुगतान को लेकर दाखिल याचिका पर संबंधित अधिकारियों को याची का बकाया चार सप्ताह के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि बकाया राशि पर सेवानिवृत्ति की तारीख से छह प्रतिशत वार्षिक की दर से साधारण ब्याज का भुगतान किया जाए।
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यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने मुरादाबाद निवासी इंतजार हुसैन की याचिका पर दिया है। याची 31 जनवरी 2026 को सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले बकाये का भुगतान लंबित रहने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से स्थायी अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याची के सेवानिवृत्ति के बाद के बकाये के भुगतान की प्रक्रिया चल रही है और प्रक्रिया पूरी होते ही भुगतान कर दिया जाएगा। इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि याची को उसके सेवानिवृत्ति के बाद के सभी बकाये का भुगतान चार सप्ताह की अवधि के भीतर किया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बकाया राशि पर 31 जनवरी 2026 से छह प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से साधारण ब्याज देय होगा। इन निर्देशों के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया।